• January 19, 2026

संभल में प्रशासन की सख्ती: नोटिस के बाद ग्रामीणों ने खुद ढहाई मस्जिद, अवैध मदरसे पर गरजा सरकारी बुलडोजर

संभल (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध अतिक्रमण और सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन का कड़ा रुख देखने को मिला है। असमोली थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर सलारपुर उर्फ हाजीपुर में रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस मामले में सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि प्रशासन के बुलडोजर चलने से पहले ही ग्रामीणों ने कानूनी कार्रवाई के डर से मस्जिद को स्वयं ही ध्वस्त कर दिया। इसके बाद, मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने अवैध रूप से बने मदरसे को जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके पर मुस्तैद रहे।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला: 7 साल चली कानूनी लड़ाई

संभल के सलेमपुर सलारपुर उर्फ हाजीपुर गांव का यह विवाद करीब सात साल पुराना है। इस मामले की जड़ें 2018 से जुड़ी हैं। मस्जिद के मुतवल्ली हाजी शमीम पर आरोप था कि उन्होंने गांव की करीब पौने चार बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराया था। जांच में पाया गया कि सबसे पहले सरकारी भूमि पर एक मदरसे का निर्माण किया गया और उसके लगभग 10 साल बाद उसी परिसर में एक मस्जिद खड़ी कर दी गई।

अवैध कब्जे की इस शिकायत के बाद 14 जून 2018 को राजस्व विभाग की ओर से एक रिपोर्ट दी गई, जिसमें स्पष्ट रूप से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि की गई थी। इसके बाद यह मामला तहसीलदार न्यायालय में लंबे समय तक चला। साक्ष्यों और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद, 2 सितंबर 2025 को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध है और मुतवल्ली पर 7.78 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया।

प्रशासन का अल्टीमेटम और ग्रामीणों द्वारा मस्जिद का स्वयं ध्वस्तीकरण

न्यायालय के आदेश के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 3 जनवरी (शनिवार) को ध्वस्तीकरण की अंतिम तिथि तय की थी। हालांकि, प्रशासनिक अवकाश के कारण इस समयसीमा को थोड़ा आगे बढ़ाया गया, लेकिन नोटिस के दबाव और कानूनी कार्रवाई के खौफ का असर रविवार सुबह देखने को मिला।

पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के अनुसार, प्रशासन की टीम के पहुंचने से पहले ही मुस्लिम समाज के लोगों और ग्रामीणों ने आपसी सहमति से मस्जिद को खुद ही गिराना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का मानना था कि सरकारी कार्रवाई में नुकसान अधिक हो सकता है, इसलिए उन्होंने स्वयं ही ढांचे को हटा लिया। दोपहर करीब 12:30 बजे जब प्रशासनिक टीम जेसीबी लेकर गांव पहुंची, तो मस्जिद का बड़ा हिस्सा पहले ही हटाया जा चुका था। इसके बाद प्रशासन ने पास में ही बनी मदरसे की इमारत को गिराने की प्रक्रिया शुरू की, जो देर शाम तक जारी रही।

खाली हुई जमीन पर गरीबों को मिलेंगे पट्टे: प्रशासन की नई पहल

इस ध्वस्तीकरण कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक कदम भी उठाया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद जो सरकारी जमीन खाली हुई है, उसका उपयोग सार्वजनिक हित में किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, इस खाली हुई भूमि पर गांव के 20 भूमिहीन और गरीब परिवारों को आवास या खेती के लिए पट्टे आवंटित किए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराकर उसे वास्तविक जरूरतमंदों को सौंपना सरकार की प्राथमिकता है। इस कदम की क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है, क्योंकि यह न केवल अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई है बल्कि गरीबों के पुनर्वास का भी एक जरिया बनी है।

मल्लक शाह कब्रिस्तान पर कब्जे की नई शिकायत: जांच के घेरे में अन्य निर्माण

संभल में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही इस लहर के बीच एक और नया विवाद सामने आया है। शहर के शंकर चौराहे के पास स्थित ऐतिहासिक मल्लक शाह बाबा के कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है। मोहल्ला चमन सराय निवासी मोहम्मद असलम ने प्रशासनिक अधिकारियों को एक लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें कहा गया है कि कब्रिस्तान के सरकारी दस्तावेजों में किसी भी प्रकार का निर्माण दर्ज नहीं है, लेकिन वर्तमान में वहां धड़ल्ले से कई अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।

शिकायतकर्ता का दावा है कि भू-माफिया धीरे-धीरे कब्रिस्तान की घेराबंदी कर रहे हैं और वहां पक्के निर्माण कर रहे हैं। इस शिकायत के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कब्रिस्तान या किसी भी धार्मिक स्थल की जमीन पर यदि अवैध कब्जा पाया जाता है, तो वहां भी सलेमपुर सलारपुर जैसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कानून-व्यवस्था और वर्तमान स्थिति: शांति बनाए रखने की अपील

रविवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पूरे सलेमपुर सलारपुर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पीएसी (PAC) और पुलिस बल तैनात किया गया था। स्वयं जिलाधिकारी और एसपी पल-पल की रिपोर्ट ले रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून का सम्मान करें।

फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई नियमानुसार और अदालती आदेशों के पालन में की गई है। मस्जिद और मदरसे के अवैध निर्माण के हटने के बाद अब राजस्व विभाग जमीन की पैमाइश कर रहा है ताकि पट्टे आवंटित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सके। संभल में अतिक्रमण के खिलाफ इस कार्रवाई ने उन लोगों को कड़ा संदेश दिया है जो सरकारी भूमि को निजी संपत्ति समझकर कब्जा कर लेते हैं।

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