सर्दियों में खाएं इन 4 तरह के आटे की रोटी, शरीर को मिलेगा पोषण; जानें क्या वायरल संक्रमण से भी होगा बचाव?
सर्दियों की शुरुआत के साथ सर्दी-जुकाम, खांसी और अन्य वायरल संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में सेहत का ध्यान रखने के साथ खानपान को संतुलित रखना भी जरूरी है। पौष्टिक आहार शरीर को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने और रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है। सर्दियों में बाजरा, मक्का और मल्टीग्रेन जैसे अलग-अलग अनाज से बनी रोटियां डाइट का हिस्सा बनाई जा सकती हैं।
फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम की सीनियर कंसल्टेंट (संक्रामक रोग) डॉ. नेहा रस्तोगी पांडा के विशेषज्ञ परिचय के आधार पर, सर्दियों में खानपान और संक्रमण से बचाव को लेकर इन विकल्पों पर ध्यान दिया जा सकता है।
1. बाजरे की रोटी
बाजरे की रोटी सर्दियों में खाए जाने वाले लोकप्रिय विकल्पों में शामिल है। बाजरे में फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। संतुलित आहार में बाजरे को शामिल करने से पोषण की जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलती है।
2. मक्के की रोटी
मक्के की रोटी सर्दियों में खास तौर पर पसंद की जाती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और फाइबर मौजूद होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और पेट भरा रखने में मदद करते हैं। इसे सरसों के साग, दही या अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है।
3. मल्टीग्रेन रोटी
गेहूं, जौ, बाजरा और चने जैसे अलग-अलग अनाज के आटे को मिलाकर मल्टीग्रेन रोटी बनाई जा सकती है। इसमें फाइबर और विभिन्न पोषक तत्व मिलते हैं। अलग-अलग अनाज को डाइट में शामिल करने से भोजन में पोषक तत्वों की विविधता बढ़ती है और संतुलित आहार तैयार करने में मदद मिलती है।
4. गेहूं और चने के आटे की रोटी
गेहूं और चने के आटे को मिलाकर बनाई गई रोटी प्रोटीन, फाइबर और ऊर्जा का अच्छा स्रोत हो सकती है। इसे हरी सब्जियों, दाल और दही के साथ खाने से भोजन को अधिक पौष्टिक बनाया जा सकता है। चने का आटा पौधे आधारित प्रोटीन उपलब्ध कराता है, जबकि गेहूं से भी शरीर को ऊर्जा और फाइबर मिलता है।
क्या रोटी खाने से वायरल संक्रमण से बचा जा सकता है?
सर्दियों में पौष्टिक आहार लेना सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन कोई भी खास आटा या रोटी वायरल संक्रमण से बचाव की गारंटी नहीं देती। इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित आहार के साथ पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और साफ-सफाई भी जरूरी है।
वायरल संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सलाह तथा टीकाकरण पर ध्यान दें। यदि तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
सर्दियों में अपनी डाइट में बाजरा, मक्का और अन्य साबुत अनाज शामिल करें, लेकिन किसी एक खाद्य पदार्थ को संक्रमण से बचाव का उपाय न समझें।
