• September 2, 2026

PM मोदी पर CPI महासचिव अमरजीत कौर का विवादित बयान, BJP ने लगाया ‘नक्सली सोच’ का आरोप; माफी से इनकार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर के कथित विवादित बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली में एक रैली के दौरान अमरजीत कौर ने प्रधानमंत्री मोदी की एक कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए उन पर निशाना साधा। उनके बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया और उनसे माफी मांगने की मांग की है।

पीएम मोदी को लेकर क्या बोलीं अमरजीत कौर?

दिल्ली में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए अमरजीत कौर ने कम्युनिस्टों और लाल झंडे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित टिप्पणी का जिक्र किया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पर विवादित टिप्पणी की।

उनके बयान को लेकर अब बीजेपी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ अपने हमले और तेज कर दिए हैं। बीजेपी का आरोप है कि इस तरह की भाषा राजनीतिक असहमति की सीमाओं को पार करती है।

BJP प्रवक्ता ने किया पलटवार

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अमरजीत कौर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए CPI नेता पर निशाना साधते हुए उन पर ‘नक्सली सोच’ रखने का आरोप लगाया।

भंडारी ने कहा कि अमरजीत कौर का बयान उनकी कथित ‘दिमागी नक्सली सोच’ को दर्शाता है। बीजेपी ने इस बयान की निंदा करते हुए अमरजीत कौर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

अमरजीत कौर ने माफी मांगने से किया इनकार

विवाद बढ़ने के बाद अमरजीत कौर ने अपने बयान पर माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और माफी नहीं मांगेंगी।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कम्युनिस्टों को खत्म करने की बात कह सकते हैं, तो वह भी अपनी बात रख सकती हैं। उनके इस रुख के बाद बीजेपी और CPI के बीच सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।

कौन हैं CPI महासचिव अमरजीत कौर?

74 वर्षीय अमरजीत कौर लंबे समय से कम्युनिस्ट राजनीति से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने MSc और LLB की पढ़ाई की है और छात्र जीवन से ही CPI से सक्रिय रूप से जुड़ी रही हैं।

अमरजीत कौर 1979 से सात वर्षों तक ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) की दूसरी महिला महासचिव रहीं। इसके बाद उन्होंने महिला संगठनों और ट्रेड यूनियन गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह 1999 से 2002 तक राष्ट्रीय भारतीय महिला संघ की महासचिव रहीं और लंबे समय तक AITUC की राष्ट्रीय सचिव के रूप में भी काम किया।

साल 1972 में महंगाई के विरोध में CPI के प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान उन्हें 10 दिनों के लिए जेल भी जाना पड़ा था।

पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ को बताया था बड़ी चुनौती

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में नक्सलवाद और माओवाद को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि नक्सलवाद और माओवाद ने बड़ी संख्या में युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया और कई परिवारों के सपनों को नुकसान पहुंचाया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ को हथियारबंद नक्सलवाद से बड़ी चुनौती बताते हुए देश को इससे बचाने की जरूरत पर जोर दिया था। अमरजीत कौर ने अपने बयान में इसी संदर्भ का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा, जिसके बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।

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