बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी ने क्यों बदला उम्मीदवार? चारा घोटाला कनेक्शन और हलफनामे के विवाद से मचा सियासी बवाल
पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपना उम्मीदवार बदलना पड़ा है। पार्टी ने पहले अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन नामांकन दाखिल करने के कुछ घंटों बाद ही उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया प्रत्याशी घोषित कर दिया।
हालांकि, अभिषेक कुमार ने नामांकन वापस लेने के पीछे पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके पीछे कई अन्य कारणों की चर्चा हो रही है।
चुनावी हलफनामे में अधूरी जानकारी देने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक कुमार के चुनावी हलफनामे में कुछ जानकारियां अधूरी होने की बात सामने आई थी। कहा जा रहा है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी को लेकर सवाल उठे थे और इससे उनका नामांकन रद्द होने की आशंका पैदा हो गई थी।
इसी वजह से बीजेपी ने कोई जोखिम नहीं लेते हुए उम्मीदवार बदलने का फैसला किया।
चारा घोटाले से परिवार के कथित संबंध भी बने चर्चा का विषय
राजनीतिक हलकों में अभिषेक कुमार के पिता रविंद्र प्रसाद के चारा घोटाले से जुड़े होने की भी चर्चा है। डोरंडा कोषागार मामले में पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav समेत 75 लोगों को दोषी ठहराया गया था, जिनमें रविंद्र प्रसाद का नाम भी शामिल था।
अदालत ने उन्हें तीन साल की सजा और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, साहेबगंज कोषागार मामले में भी रविंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी को दोषी करार दिया गया था। इस मामले में रविंद्र प्रसाद को दो साल की सजा और चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
रविंद्र प्रसाद पर फर्जी बिलों के जरिए कोषागार से धन निकासी कराने का आरोप साबित हुआ था। माना जा रहा है कि चुनाव के दौरान विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाता, जिससे बीजेपी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता था।
बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की सीट है बांकीपुर
बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष Nitin Nabin की पारंपरिक सीट रही है। इस बार इस सीट पर Prashant Kishor भी चुनावी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।
ऐसे में बीजेपी किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है और पार्टी ने तेजी से उम्मीदवार बदलकर नया दांव चल दिया है।
प्रशांत किशोर ने साधा निशाना
उम्मीदवार बदले जाने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की ताकत है।
उन्होंने कहा, “अब तक दूसरे दलों के उम्मीदवार बीजेपी के दबाव में मैदान छोड़ते थे, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि बीजेपी का उम्मीदवार मैदान से हट गया। जनबल के आगे कोई बल नहीं है।”
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जब जनता जाति, धर्म और पार्टी से ऊपर उठकर खड़ी होती है तो बड़े से बड़ा राजनीतिक दल भी पीछे हटने को मजबूर हो जाता है।
बांकीपुर उपचुनाव में उम्मीदवार बदलने के इस फैसले ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी प्रचार का बड़ा विषय बन सकता है।