• July 4, 2026

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामला: SIT की जांच में रोजाना 6–8 लाख रुपये की कथित गड़बड़ी की आशंका, ट्रस्ट पदाधिकारियों से मांगे संपत्ति के दस्तावेज

लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को बैंक से मिले आंकड़ों के आधार पर यह आशंका है कि चोरी का मामला सामने आने से पहले प्रतिदिन 6 से 8 लाख रुपये तक की कथित गड़बड़ी हो सकती थी। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने SIT को बताया कि चोरी का मामला उजागर होने से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों में प्रतिदिन औसतन 16 से 18 लाख रुपये दान के रूप में जमा हो रहे थे। वहीं, मामला सामने आने के बाद यह राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई। इसी अंतर के आधार पर जांच एजेंसी संभावित वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को SIT ने दूसरी बार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, इस बार जांच का मुख्य फोकस उनकी व्यक्तिगत संपत्तियों, आय के स्रोत और वित्तीय लेनदेन पर रहा।

ट्रस्ट पदाधिकारियों से मांगे संपत्ति संबंधी दस्तावेज

सूत्रों के अनुसार, SIT ने तीनों पदाधिकारियों से उनकी चल एवं अचल संपत्तियों का पूरा विवरण और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। जांच एजेंसी मंदिर निर्माण और जमीन खरीद-फरोख्त के दौरान कथित कमीशनखोरी तथा कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि अनिल मिश्रा और गोपाल राव से विशेष रूप से उनकी संपत्तियों में पिछले कुछ वर्षों में हुई कथित वृद्धि के बारे में सवाल किए गए। वहीं, अनिल मिश्रा से उनके नए आवास, आय के स्रोत और वित्तीय संसाधनों की जानकारी भी मांगी गई है।

ऑडिट रिपोर्ट और वित्तीय रिकॉर्ड भी तलब

SIT ने ट्रस्ट से वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, वित्तीय अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट का दोबारा परीक्षण (री-ऑडिट) कराने की संभावना पर भी विचार कर रही है।

नकदी गिनने की प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

जांच के दौरान SIT ने चढ़ावे की नकदी गिनने वाले कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की। अधिकारियों से पूछा गया कि ट्रस्ट और बैंक के बीच तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन क्यों नहीं किया गया, प्रक्रिया में कथित बदलाव किस आधार पर किए गए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता का संदेह था तो इसकी सूचना समय पर उच्च अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई। इसके अलावा, SIT ने यह भी सवाल उठाया कि सुरक्षा के लिए नियुक्त निजी एजेंसी से नकदी की गणना जैसे संवेदनशील कार्य क्यों कराए गए। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी अपनी रिपोर्ट में बैंक अधिकारियों की भूमिका का भी उल्लेख करेगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

6 जुलाई की बैठक पर भी नजर

इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 6 जुलाई को प्रस्तावित महत्वपूर्ण बैठक को लेकर भी चर्चा तेज है। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के लखनऊ में भर्ती होने के कारण यदि वे बैठक में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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