• June 29, 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: फैजाबाद बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे वकील

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या के वकीलों ने बड़ा फैसला लिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने घोषणा की है कि इस मामले में गिरफ्तार किसी भी आरोपी की ओर से कोई भी स्थानीय वकील अदालत में पैरवी नहीं करेगा। यह निर्णय बार एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष कालिका प्रसाद की अध्यक्षता में लिया गया। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) उनसे पूछताछ कर रही है और उनके घरों व अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है।

बार एसोसिएशन का फैसला

फैजाबाद बार एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के किसी भी आरोपी की ओर से संगठन का कोई सदस्य अदालत में पैरवी नहीं करेगा। इस फैसले के बाद यह मामला कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के 8 आरोपी

  • रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव – राम मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े रहे और पूर्व में चंपत राय के ड्राइवर रह चुके हैं।
  • अनुकल्प मिश्रा – दान में प्राप्त नकदी की गिनती की जिम्मेदारी संभालते थे। पुलिस ने इन्हें कथित तौर पर पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया है।
  • लवकुश मिश्रा – मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा के साले बताए गए हैं।
  • रमाशंकर मिश्रा – दान की रकम की गिनती और रिकॉर्ड रखने वाली टीम का हिस्सा थे।
  • करुणेश पांडे – दानपात्र से निकली राशि की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे।
  • सुभाष श्रीवास्तव – केनरा बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी, जो रिटायरमेंट के बाद राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े थे।
  • मनीष यादव – रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के भतीजे हैं और कुछ महीने पहले ही दानपात्र प्रबंधन के कार्य में लगाए गए थे।
  • अविनाश शुक्ला – दान और चढ़ावे की राशि की गिनती करने वाली टीम के सदस्य थे।

SIT जांच में क्या सामने आया?

SIT की शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि आरोपियों की आर्थिक स्थिति और जीवनशैली में पिछले कुछ समय के दौरान अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। जांच एजेंसियों के अनुसार, जिन परिवारों को पहले आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, वे अब कथित तौर पर आलीशान मकानों, फार्महाउस और महंगी गाड़ियों के मालिक बन गए। जांच एजेंसियां इस बदलाव को मामले की अहम कड़ी मानते हुए इसकी गहराई से पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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