IMDb पर ‘पंचायत’ और ‘मिर्जापुर’ से भी आगे है 80 के दशक का यह शो, आज भी बरकरार है लोकप्रियता
ओटीटी प्लेटफॉर्म के दौर में ‘पंचायत’, ‘मिर्जापुर’, ‘गुल्लक’, ‘द फैमिली मैन’ और ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी वेब सीरीज ने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है। इन सीरीज को शानदार रेटिंग और लोकप्रियता भी मिली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक क्लासिक भारतीय टीवी शो ऐसा भी है, जिसकी IMDb रेटिंग आज भी इन चर्चित वेब सीरीज से अधिक है?
हम बात कर रहे हैं ‘मालगुड़ी डेज’ की, जिसने 1980 के दशक में भारतीय टेलीविजन पर अपनी अलग पहचान बनाई थी और आज भी इसे भारतीय टीवी इतिहास के सबसे बेहतरीन शो में गिना जाता है।
आर.के. नारायण की कहानियों पर आधारित था शो
‘मालगुड़ी डेज’ प्रसिद्ध लेखक आर. के. नारायण की लघु कथाओं पर आधारित था। यह शो पहली बार 1986 में प्रसारित हुआ और जल्द ही दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया। इसकी कहानियां काल्पनिक नगर ‘मालगुड़ी’ और वहां रहने वाले आम लोगों के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती थीं।
सीमित संसाधनों में बना, लेकिन बना ऐतिहासिक
बताया जाता है कि शो का निर्माण सीमित बजट और उधार लिए गए पैसों से किया गया था। हालांकि, प्रसारण के बाद इसे दर्शकों का इतना प्यार मिला कि निर्माताओं की आर्थिक चुनौतियां भी दूर हो गईं। इसकी सरल कहानियां, भावनात्मक जुड़ाव और भारतीय जीवन की सादगी ने इसे घर-घर तक पहुंचाया।
IMDb पर आज भी शानदार रेटिंग
‘मालगुड़ी डेज’ को IMDb पर 9.4 की शानदार रेटिंग मिली हुई है। यही वजह है कि यह कई लोकप्रिय आधुनिक वेब सीरीज से भी आगे माना जाता है। दशकों बाद भी शो की लोकप्रियता कम नहीं हुई है और नई पीढ़ी के दर्शक भी इसे पसंद करते हैं।
कई दिग्गज कलाकारों ने निभाए अहम किरदार
शो के शुरुआती सीजन का निर्देशन शंकर नाग ने किया था, जबकि बाद के सीजन का निर्देशन कविता लंकेश ने संभाला। शो में गिरीश कर्नाड, अनंत नाग और बाल कलाकार मास्टर मंजूनाथ जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
रेलवे स्टेशन का नाम भी पड़ा ‘मालगुड़ी’
शो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कर्नाटक के एक रेलवे स्टेशन को ‘मालगुड़ी’ के नाम से पहचान मिली। यह सीरीज भारतीय टेलीविजन के स्वर्णिम दौर की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में शामिल है।
आज भी दर्शकों की पहली पसंद
भले ही आज मनोरंजन की दुनिया ओटीटी प्लेटफॉर्म और हाई-बजट वेब सीरीज की ओर बढ़ चुकी हो, लेकिन Malgudi Days जैसी कालजयी रचनाएं आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखती हैं। इसकी सादगी, संवेदनशील कहानियां और मजबूत किरदार इसे भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक अमर कृति बनाते हैं।