सुरक्षा में कटौती पर लालू यादव का बड़ा आरोप, बोले- ‘सब कुछ नीतीश कुमार ने किया’
पटना: बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की सुरक्षा में कथित कटौती को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब खुद लालू यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया है। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब लालू यादव से उनकी सुरक्षा में कमी किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “हां, सुरक्षा में कटौती हुई है। यह सब नीतीश कुमार ने किया है।”
सुरक्षा कटौती पर तेज हुई सियासत
बिहार में नई राजनीतिक परिस्थितियों और सत्ता परिवर्तन के बाद से लालू परिवार और राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें लालू यादव पटना की सड़कों पर बिना सरकारी सुरक्षा घेरे के नजर आए थे। इसके बाद विपक्ष ने सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
परिवार ने लौटाई सुरक्षा
सुरक्षा में कटौती के विरोध में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने अपने पास तैनात शेष सुरक्षाकर्मियों को भी वापस भेज दिया। वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपने सरकारी आवास के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों को हटाने का निर्णय लिया। इसके बाद लोकसभा सांसद मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा लौटाकर सरकार के फैसले का विरोध दर्ज कराया।
तेजप्रताप यादव ने बदला रुख
शुरुआत में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने सुरक्षा वापस लिए जाने की खबरों का खंडन किया था। उनका कहना था कि सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह समाप्त नहीं की है, बल्कि सुरक्षा कर्मियों के कमांड स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया है। हालांकि बाद में उन्होंने भी परिवार के समर्थन में बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस कर दी। तेजप्रताप यादव ने कहा कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
सरकार पर हमलावर है आरजेडी
आरजेडी लगातार आरोप लगा रही है कि सरकार राजनीतिक कारणों से लालू परिवार को निशाना बना रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सुरक्षा में कटौती का फैसला दुर्भावनापूर्ण है और इसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाना है। वहीं, सरकार की ओर से इस पूरे विवाद पर अब तक विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक गरमा सकता है।