एनसीआर का दायरा 100 किमी तक सीमित करने का प्रस्ताव खारिज, मौजूदा सीमा बरकरार; नमो सिटी पर राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दायरा 100 किलोमीटर तक सीमित करने के प्रस्ताव को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने खारिज कर दिया है। 16 जून को आयोजित 42वीं एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि एनसीआर के मौजूदा क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान में शामिल सभी जिले एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे। बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा अपने पांच जिलों को एनसीआर से बाहर करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन बोर्ड ने इसे मंजूरी नहीं दी। इस निर्णय के बाद एनसीआर की वर्तमान भौगोलिक सीमा यथावत बनी रहेगी। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि एनसीआर के भविष्य की संरचना और विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार के लिए एक उप-समिति (सब-कमेटी) का गठन किया गया है, जो अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर 2026 में आयोजित होगी।
नमो सिटी के लिए राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव
बैठक में नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर के किनारे नए आधुनिक शहर विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से एक-एक ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव मांगे गए हैं। इन प्रस्तावित शहरों को ‘नमो सिटी’ के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। हालांकि इनके अंतिम स्थानों पर अभी निर्णय होना बाकी है।
क्या था 100 किलोमीटर सीमा का प्रस्ताव?
ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 के तहत एनसीआर की सीमा को दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित करने का सुझाव सामने आया था। यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता तो एनसीआर का कुल क्षेत्रफल काफी कम हो जाता और कई जिले इसके दायरे से बाहर हो जाते। वर्तमान में एनसीआर 24 जिलों में फैला हुआ है, जिसमें दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जिले शामिल हैं। कई जिले दिल्ली से 150 से 175 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित हैं।
हरियाणा के पांच जिलों पर पड़ता असर
100 किलोमीटर का फॉर्मूला लागू होने पर हरियाणा के कई जिले या उनके बड़े हिस्से एनसीआर से बाहर हो सकते थे। इनमें करनाल, महेंद्रगढ़, जींद, पानीपत और भिवानी प्रमुख थे। हरियाणा सरकार का तर्क था कि एनसीआर क्षेत्र में लागू विभिन्न नियामकीय प्रतिबंधों के कारण इन जिलों में कई विकास परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
एनसीआर में शामिल जिलों की स्थिति
वर्तमान में हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में शामिल हैं, जिनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, पानीपत, पलवल, रेवाड़ी, नूंह, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, जींद और करनाल शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के आठ जिले—गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली—एनसीआर का हिस्सा हैं। राजस्थान के दो जिले अलवर और भरतपुर भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल हैं। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के इस फैसले से फिलहाल क्षेत्रीय सीमाओं में किसी बदलाव की संभावना टल गई है, जबकि नमो सिटी और स्मार्ट शहरी विकास से जुड़े प्रस्तावों पर आगे की चर्चा जारी रहेगी।