पश्चिम बंगाल चुनाव: दूसरे चरण में हिंसा और धांधली के आरोप, ईवीएम पर टेप लगाने का विवाद गरमाया
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार सुबह से मतदान जारी है, लेकिन कई इलाकों से हिंसा और धांधली की शिकायतें सामने आ रही हैं। वोटिंग के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि डायमंड हार्बर की फाल्टा विधानसभा सीट के कई पोलिंग बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में भाजपा के चुनाव चिन्ह के सामने टेप लगा दिया गया, जिससे मतदाता उस विकल्प को चुन न सकें। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने की साजिश बताया है।
इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर ईवीएम पर काली या सफेद टेप पाए जाने की पुष्टि होगी, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आते हैं, तो पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान हो सकता है।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि फाल्टा के कई बूथ प्रभावित हुए हैं, जिनमें हरिंदांगा हाई स्कूल का एक बूथ भी शामिल है। उन्होंने इन बूथों पर तत्काल पुनर्मतदान की मांग की है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टीएमसी का कहना है कि केंद्रीय बलों द्वारा मतदाताओं, खासकर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि महिलाओं को डराने-धमकाने और उन पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं।
टीएमसी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं और जनता इसका जवाब देगी। पार्टी ने आगामी चरणों में मतदाताओं से अधिक संख्या में बाहर निकलकर वोट करने की अपील की है।
चुनाव के इस चरण में बढ़ते विवाद और आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग की भूमिका और सख्ती पर भी नजर बनी हुई है।