• March 19, 2026

नव संवत्सर पर CM मोहन यादव का संदेश: 2028 सिंहस्थ की तैयारियां तेज, संस्कृति और विकास पर जोर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने नव संवत्सर के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक विरासत और विकास योजनाओं को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि नया वर्ष मध्यप्रदेश के लिए समृद्धि और नई उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2028 में Simhastha के आयोजन की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। इसके साथ ही Ujjain को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास भी जारी हैं। उन्होंने कहा कि ‘श्रीराम वनगमन पथ’ और ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ जैसी योजनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ा जा रहा है।

विक्रम संवत और उज्जैन की गौरवशाली परंपरा
सीएम ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला विक्रम संवत भारतीय सांस्कृतिक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रतीक है। Vikramaditya के राज्याभिषेक से शुरू हुई यह कालगणना भारतीय अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य को न्याय, पराक्रम और सुशासन का आदर्श बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ‘विक्रमोत्सव-2026’ के जरिए सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह 139 दिवसीय आयोजन सांस्कृतिक और बौद्धिक कार्यक्रमों से भरपूर होगा।

कृषि और विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में इस वर्ष को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए 27,500 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। सिंचाई, आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास
उन्होंने कहा कि Narendra Modi के मार्गदर्शन में राज्य में विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर काम किया जा रहा है। Omkareshwar, उज्जैन और मैहर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

जल संरक्षण पर विशेष अभियान
सीएम मोहन यादव ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की शुरुआत की घोषणा भी की। यह अभियान Shipra River तट से शुरू होकर पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का प्रयास करेगा। इसमें पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों के जरिए जल स्रोतों को सुरक्षित करने पर जोर रहेगा।

अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे नव संवत्सर के इस अवसर पर विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समृद्धि के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की।

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