नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी के कालकाजी ऑफिस में चोरी: ताला तोड़कर घुसे चोर, दस्तावेजों से छेड़छाड़; पुलिस जांच में जुटी
नई दिल्ली: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी के दक्षिण-पूर्वी दिल्ली स्थित कालकाजी ऑफिस में शनिवार, 28 फरवरी 2026 की आधी रात के बाद चोरी की बड़ी घटना हुई है। अज्ञात चोरों ने ऑफिस का ताला तोड़कर अंदर घुसपैठ की और सामान बिखेर दिया।
सुबह जब ऑफिस स्टाफ पहुंचा, तो अलमारियां खुली मिलीं और कुछ गोपनीय दस्तावेजों से छेड़छाड़ के स्पष्ट निशान थे। फिलहाल चोरी हुए सामान की पूरी सूची तैयार की जा रही है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार मुख्य रूप से दस्तावेजों और फाइलों से छेड़छाड़ हुई है। कोई बड़ा मूल्यवान सामान चोरी होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जबकि फॉरेंसिक टीम भी फिंगरप्रिंट्स और अन्य सबूत जुटाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच दो एंगल से चल रही है—क्या यह सामान्य आपराधिक चोरी है या किसी खास मकसद से दस्तावेजों को निशाना बनाया गया। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन टीम हर संभावित पहलू पर काम कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जबकि फॉरेंसिक टीम भी फिंगरप्रिंट्स और अन्य सबूत जुटाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच दो एंगल से चल रही है—क्या यह सामान्य आपराधिक चोरी है या किसी खास मकसद से दस्तावेजों को निशाना बनाया गया। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन टीम हर संभावित पहलू पर काम कर रही है।
2018 में भी हुई थी चोरी
यह पहली बार नहीं है जब कैलाश सत्यार्थी के परिसर में चोरी हुई है। साल 2018 में कालकाजी स्थित उनके घर में चोर घुसे थे, जहां नोबेल पुरस्कार की प्रतिकृति (रिप्लिका), नोबेल सर्टिफिकेट और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान चुरा लिए गए थे। हालांकि, असली नोबेल मेडल राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है, इसलिए वह सुरक्षित रहा। उस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और चोरी का सामान बरामद किया था।
यह पहली बार नहीं है जब कैलाश सत्यार्थी के परिसर में चोरी हुई है। साल 2018 में कालकाजी स्थित उनके घर में चोर घुसे थे, जहां नोबेल पुरस्कार की प्रतिकृति (रिप्लिका), नोबेल सर्टिफिकेट और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान चुरा लिए गए थे। हालांकि, असली नोबेल मेडल राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है, इसलिए वह सुरक्षित रहा। उस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और चोरी का सामान बरामद किया था।
वर्तमान घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन से जुड़े लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और पुलिस से जल्द से जल्द मामले को सुलझाने की मांग कर रहे हैं। जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।