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जेएनयू में भारी हंगामा: छात्रों ने VC के ‘विक्टिम कार्ड’ बयान पर मेन गेट का ताला तोड़ा, पुलिस ने रोका मार्च

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) कैंपस में आज भारी तनाव और हंगामा देखने को मिला। लेफ्ट समर्थक छात्र संगठनों ने कुलपति (VC) शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित के हालिया विवादित बयानों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन निकाला, लेकिन दिल्ली पुलिस ने मुख्य द्वार पर ही मार्च को रोक दिया। पुलिस की रोक के बाद छात्र उग्र हो गए और उन्होंने JNU के मेन गेट का ताला तोड़ दिया। कैंपस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
विवाद की जड़:
VC का पॉडकास्ट बयानपूरी घटना की शुरुआत 16 फरवरी को जारी हुए एक पॉडकास्ट से हुई। इस पॉडकास्ट में कुलपति शांतिश्री पंडित UGC के नए ‘2026 इक्विटी (एंटी-डिस्क्रीमिनेशन) रेगुलेशन’ पर चर्चा कर रही थीं।
उन्होंने कहा:

  • “यह रेगुलेशन काफी सीक्रेट तरीके से बनाया गया। यहां तक कि हमें भी नहीं पता चला कि इसमें क्या लिखा है।”
  • “आप किसी एक ग्रुप को पावर देकर दूसरे को न्याय देने से इनकार नहीं कर सकते।”
  • “दलित और अश्वेत लोग हमेशा ‘विक्टिम’ बनकर या ‘विक्टिम कार्ड’ खेलकर आगे नहीं बढ़ सकते। यह ड्रग्स से ज्यादा खतरनाक है। लगातार दुश्मन दिखाकर चिल्लाते रहो, इससे अच्छा फील होता है, लेकिन यह असलियत नहीं है—यह सिर्फ काल्पनिक दुनिया बनाने की कोशिश है।”

JNUSU और छात्रों का गुस्सावीसी के इन बयानों पर JNU स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने तीखी प्रतिक्रिया दी। यूनियन ने बयान को “जातिवादी मानसिकता” का प्रमाण बताया और कहा कि ऐसी टिप्पणियां यूनिवर्सिटी जैसे सार्वजनिक स्थान पर दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव को और बढ़ावा देती हैं। छात्रों का आरोप है कि VC ने संवेदनशील मुद्दे पर “असंवेदनशील और अपमानजनक” टिप्पणी की है।VC की सफाई: बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गयाविवाद बढ़ने के बाद कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने सफाई दी। उन्होंने कहा:

  • उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और संदर्भ से हटाकर दिखाया जा रहा है।
  • वे खुद एक बहुजन परिवार से आती हैं, इसलिए ऐसी बातें कहने का कोई कारण नहीं।
  • वे “वोक (Woke) कल्चर” और उसके विरोधियों के विचारों पर चर्चा कर रही थीं।
  • UGC के नए नियमों को लेकर लोगों में शंकाएं हैं और शायद इन्हें बनाने में उतनी सावधानी नहीं बरती गई जितनी होनी चाहिए थी।

क्या है UGC का 2026 इक्विटी रेगुलेशन?UGC का नया रेगुलेशन विश्वविद्यालयों में जाति, लिंग, धर्म, क्षेत्रीयता आदि आधारित भेदभाव रोकने के लिए लाया गया है। इसमें एंटी-डिस्क्रीमिनेशन सेल्स, शिकायत निवारण तंत्र और सख्त दंड का प्रावधान है। कई छात्र संगठन इसे स्वागतयोग्य मानते हैं, जबकि कुछ इसे “अतिवादी” या “एकतरफा” बता रहे हैं।

वर्तमान में JNU कैंपस में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर VC माफी नहीं मांगतीं या स्पष्टिकरण नहीं देतीं, तो आंदोलन और तेज होगा। अटल टीवी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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