अश्विन ने टीम मैनेजमेंट पर साधा निशाना: “अक्षर पटेल T20 के MVP हैं, ICC में IPL वाली सोच नहीं चलेगी”; सुपर-8 में बाहर बैठाने पर जताई नाराजगी
नई दिल्ली/अहमदाबाद, 23 फरवरी 2026: साउथ अफ्रीका के खिलाफ ICC T20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में 76 रन की करारी हार के बाद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन और चयन नीति पर सवालों की बौछार हो रही है। सबसे ज्यादा चर्चा उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर रखने को लेकर है। अब भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई है और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठाए हैं।
“मैं समझ नहीं पा रहा कि इतने अहम मुकाबले में अक्षर पटेल को क्यों बाहर रखा गया। अक्षर आपके T20 क्रिकेट के MVP (मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर) हैं। उन्होंने टीम के लिए जो किया है, उसे नहीं भूलना चाहिए।”
IPL की सोच ICC में नहीं चलेगी
अश्विन ने आगे कहा, “विपक्षी टीम के बल्लेबाजों के हिसाब से रणनीति बनाना IPL में ठीक है, जहां 14 मैच खेलने होते हैं और हर मैच में एक्सपेरिमेंट करने की गुंजाइश रहती है। लेकिन ICC टूर्नामेंट में टीम को ज्यादा स्थिर रखना चाहिए। यहां हर मैच जीतना जरूरी होता है। अक्षर पटेल को लगातार दूसरे मैच में बाहर बैठाना समझ से परे है।”
2024 फाइनल का उदाहरण दिया
अश्विन ने 2024 T20 विश्व कप फाइनल का जिक्र करते हुए कहा कि उसी तरह की परिस्थिति में अक्षर ने महत्वपूर्ण पारी खेली थी। उन्होंने विराट कोहली के साथ साझेदारी कर भारत को 170 के पार पहुंचाया था। अश्विन ने कहा, “बेशक विराट का अनुभव था, लेकिन अक्षर भी कम नहीं हैं। अगर इस मैच में बीच के ओवर्स में स्थिरता होती और कुछ विकेट हाथ में होते, तो भारत लक्ष्य का पीछा कर लेता।”
अश्विन ने 2024 T20 विश्व कप फाइनल का जिक्र करते हुए कहा कि उसी तरह की परिस्थिति में अक्षर ने महत्वपूर्ण पारी खेली थी। उन्होंने विराट कोहली के साथ साझेदारी कर भारत को 170 के पार पहुंचाया था। अश्विन ने कहा, “बेशक विराट का अनुभव था, लेकिन अक्षर भी कम नहीं हैं। अगर इस मैच में बीच के ओवर्स में स्थिरता होती और कुछ विकेट हाथ में होते, तो भारत लक्ष्य का पीछा कर लेता।”
मैच में वॉशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन
टीम मैनेजमेंट ने साउथ अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाजों (क्विंटन डी कॉक, रयान रिकेल्टन, डेविड मिलर) को ध्यान में रखते हुए ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया। लेकिन सुंदर गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। उन्होंने सिर्फ दो ओवर में 17 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया। बल्लेबाजी में नंबर-5 पर आकर सिर्फ 11 रन बनाए।
टीम मैनेजमेंट ने साउथ अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाजों (क्विंटन डी कॉक, रयान रिकेल्टन, डेविड मिलर) को ध्यान में रखते हुए ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया। लेकिन सुंदर गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। उन्होंने सिर्फ दो ओवर में 17 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया। बल्लेबाजी में नंबर-5 पर आकर सिर्फ 11 रन बनाए।
अक्षर की लगातार अनदेखी
गौरतलब है कि अक्षर पटेल को नीदरलैंड्स के खिलाफ पहले मैच में आराम दिया गया था और अब सुपर-8 के महत्वपूर्ण मुकाबले में भी नहीं खिलाया गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली इस हार ने भारत की सेमीफाइनल की राह को मुश्किल बना दिया है। टीम का अगला मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ है।
गौरतलब है कि अक्षर पटेल को नीदरलैंड्स के खिलाफ पहले मैच में आराम दिया गया था और अब सुपर-8 के महत्वपूर्ण मुकाबले में भी नहीं खिलाया गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली इस हार ने भारत की सेमीफाइनल की राह को मुश्किल बना दिया है। टीम का अगला मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम मैनेजमेंट अपने फैसले पर कायम रहेगा या अक्षर पटेल की वापसी होगी। पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अक्षर की ऑलराउंड क्षमता को नजरअंदाज करना टीम के लिए महंगा साबित हो सकता है।