भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के बाहरी इलाके सुंदरपदा में 27 जनवरी की शाम को हुए जोरदार विस्फोट का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें धमाके की भयावह तीव्रता साफ नजर आ रही है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाकों में जोरदार झटके महसूस हुए और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
विस्फोटक बनाते समय हुआ धमाका, 4 लोग झुलसे पुलिस जांच के अनुसार, यह धमाका एक मकान की छत पर अवैध विस्फोटक सामग्री (बम) तैयार करते समय हुआ। इस हादसे में कुल 4 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत कैपिटल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें प्राइवेट अस्पताल रेफर किया गया।घायलों में मुख्य आरोपी शहनवाज मलिक उर्फ मफ्फी, उसकी मां, बहन और उसका दोस्त अमित रंजन मलिक शामिल थे।
मुख्य आरोपी और मां की मौत जांच में सामने आया कि शहनवाज मलिक एक कुख्यात अपराधी था, जिसके खिलाफ अलग-अलग थानों में अटेम्प्ट टू मर्डर, अवैध हथियार रखने समेत लगभग 7 आपराधिक मामले पहले से दर्ज थे। धमाके में गंभीर रूप से झुलसे शहनवाज की 4 फरवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसकी मां ने 10 फरवरी को दम तोड़ दिया। बाकी दो घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।डीसीपी ने कहा- अपराध के लिए बना रहे थे बम घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे डीसीपी जगमोहन मीणा ने कहा था, “यह स्पष्ट है कि ये लोग किसी अपराध को अंजाम देने के लिए विस्फोटक तैयार कर रहे थे। विस्फोटक निर्माण के दौरान ही यह धमाका हुआ।”NIA ने शुरू की जांच, सैंपल एकत्र धमाके की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले में संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी। NIA की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मिट्टी, मलबे और अन्य अवशेषों के सैंपल एकत्र किए हैं। फॉरेंसिक जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल किया जा रहा था और क्या यह किसी बड़े षड्यंत्र से जुड़ा था।बाकी घायलों से होगी पूछताछ पुलिस और NIA अब बाकी दो घायलों के स्वस्थ होने का इंतजार कर रही है। उनके ठीक होने के बाद गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि अवैध बम निर्माण में और कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका मकसद क्या था और क्या कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।यह घटना भुवनेश्वर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है और जांच एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं।
