• February 15, 2026

यूपी चुनाव 2027: सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत कई दिग्गज नेता, कांग्रेस और बसपा से झटका; अखिलेश यादव की टीम मजबूत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) को आज बड़ा बूस्ट मिला है, जब कई प्रमुख नेता पार्टी में शामिल हो गए। इनमें कांग्रेस से हाल ही में इस्तीफा देने वाले यूपी के कद्दावर मुस्लिम नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अनीस अहमद खान उर्फ फूलबाबू, अपना दल (सोनेलाल) के पूर्व विधायक राजकुमार पाल समेत अन्य नेता शामिल हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इन नेताओं का स्वागत किया और कहा कि इससे पार्टी की ताकत और बढ़ेगी।
24 जनवरी को दिया था कांग्रेस से इस्तीफानसीमुद्दीन सिद्दीकी को यूपी की राजनीति में मुस्लिम चेहरे के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 24 जनवरी 2026 को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।
उस समय वे कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष थे। इस्तीफे के बाद से ही उनकी अगली राजनीतिक पारी को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
राहुल गांधी से ‘अपमान’ से नाराज हुए थे नसीमुद्दीननसीमुद्दीन के कांग्रेस छोड़ने की वजह हाल ही में लखनऊ एयरपोर्ट पर हुआ एक वाकया बताया जा रहा है। राहुल गांधी रायबरेली जाने के लिए लखनऊ पहुंचे थे, लेकिन नसीमुद्दीन को उन्हें रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट में एंट्री नहीं दी गई। इससे नाराज होकर उन्हें वापस लौटना पड़ा और इसी अपमान से आहत होकर उन्होंने कांग्रेस से किनारा कर लिया।
मायावती सरकार में 4 बार मंत्री रहे, लेकिन 2017 में बसपा से निकाले गएनसीमुद्दीन सिद्दीकी का राजनीतिक सफर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से शुरू हुआ था। वे बसपा संस्थापक कांशीराम के समय से पार्टी में थे और मायावती के बेहद करीबी माने जाते थे। मायावती चार बार यूपी की मुख्यमंत्री बनीं और हर बार नसीमुद्दीन कैबिनेट मंत्री रहे। हालांकि, 2017 में मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। इसके बाद 2018 में वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इस्तीफे के बाद अटकलें थीं कि वे बसपा में वापस लौट सकते हैं, लेकिन अब सपा में शामिल होकर उन्होंने नया मोर्चा खोल दिया है।
फूलबाबू और राजकुमार पाल भी सपा मेंअनीस अहमद खान उर्फ फूलबाबू पीलीभीत से तीन बार विधायक रह चुके हैं और मायावती सरकार में मंत्री भी रहे। वहीं, राजकुमार पाल अपना दल (सोनेलाल) के पूर्व विधायक हैं। इन नेताओं के सपा में शामिल होने से पार्टी को मुस्लिम और पिछड़ा वर्ग में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सपा के इस कदम से कांग्रेस और बसपा को बड़ा झटका लगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 चुनाव से पहले ऐसे स्विचओवर से यूपी की सियासत और गर्माएगी। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सबको साथ लेकर विकास की राजनीति करेगी।
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