यूपी बजट 2026-27: 9.12 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ ‘सुरक्षित और समृद्ध’ उत्तर प्रदेश का संकल्प, अपराध के आंकड़ों में भारी गिरावट का दावा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना वार्षिक बजट विधानसभा में पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन के पटल पर 9,12,696.35 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट रखते हुए इसे राज्य के सर्वांगीण विकास का घोषणापत्र बताया। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में बजट के आकार में 12.9 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि की गई है। इस बजट के केंद्र में कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे का विस्तार और समाज के हर वर्ग की खुशहाली को रखा गया है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि पिछले और वर्तमान कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश ने विकास के हर पैमाने पर नई ऊंचाइयों को छुआ है, जिसका परिणाम आज निवेश, रोजगार और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के रूप में दिखाई दे रहा है।
बजट भाषण के दौरान सरकार ने अपनी उपलब्धियों का सबसे बड़ा प्रमाण प्रदेश की कानून व्यवस्था को बताया। वित्त मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकार के कठोर प्रयासों और जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते राज्य में अपराध की स्थिति में अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। उन्होंने वर्ष 2016 के अपराध आंकड़ों की तुलना वर्तमान स्थिति से करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश अब भयमुक्त होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। सरकार के दावों के अनुसार, वर्ष 2016 के मुकाबले डकैती के मामलों में 89 प्रतिशत, लूट में 85 प्रतिशत और हत्या की घटनाओं में 47 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है। इसी तरह, बलवा के मामलों में 70 प्रतिशत और फिरौती के लिए किए जाने वाले अपहरण की घटनाओं में 62 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने अपनी सजगता का प्रदर्शन किया है। वित्त मंत्री ने सदन को सूचित किया कि साल 2016 की तुलना में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक, महिलाओं की हत्या के मामलों में 48 प्रतिशत, दहेज मृत्यु में 19 प्रतिशत, दुष्कर्म की घटनाओं में 67 प्रतिशत और शील भंग के मामलों में 34 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसी क्रम में, अनुसूचित जाति और जनजाति उत्पीड़न से जुड़े मामलों में भी सरकार ने बड़ी राहत का दावा किया है। वर्ष 2016 के मुकाबले इस श्रेणी में हत्या के मामलों में 43 प्रतिशत, आगजनी में 94 प्रतिशत, दुष्कर्म में 32 प्रतिशत और गंभीर चोट पहुंचाने वाली घटनाओं में 10 प्रतिशत की कमी आई है।
सुरक्षा तंत्र को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बजट में पुलिस बल के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के लिए खजाना खोल दिया गया है। वित्त मंत्री ने पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए लगभग 1374 करोड़ रुपये और आवासीय भवनों के लिए 1243 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। इसके अतिरिक्त, जो नए जनपद सृजित किए गए हैं, वहां पुलिस के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 346 करोड़ रुपये अलग से आवंटित किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अग्निशमन केंद्रों के भवनों हेतु 200 करोड़ रुपये तथा बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था और नए केंद्रों को क्रियाशील बनाने के लिए 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत महिला बीट कर्मियों की गतिशीलता बढ़ाने हेतु वाहनों की खरीद के लिए 25 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
आर्थिक प्रबंधन और वित्तीय स्थिति पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और ऋण नियंत्रण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 में जब उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया था, तब विरासत में 29.3 प्रतिशत का ऋण-जीएसडीपी अनुपात मिला था। वर्तमान सरकार ने बेहतर प्रबंधन से इसे वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत पर ला दिया था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात वर्ष 2021-22 में बढ़कर 33.4 प्रतिशत हो गया था, जिसे अब पुन: नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा को 3 प्रतिशत पर स्थिर रखा है, जिसे वर्ष 2030-31 तक लागू रखा जाएगा।
बजट के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की बात करें तो शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर दिखाई देते हैं। कुल बजट का 12.4 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया है, जबकि चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुल बजट का 6 प्रतिशत हिस्सा प्रस्तावित है। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते कृषि और उससे संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का 9 प्रतिशत आवंटित किया गया है, ताकि किसानों की खुशहाली सुनिश्चित की जा सके। इस बजट में पूंजीगत परिव्यय को 19.5 प्रतिशत पर रखा गया है, जो स्पष्ट करता है कि सरकार का जोर भविष्य के लिए नई संपत्तियों और बुनियादी ढांचे के निर्माण पर है।
निष्कर्ष के तौर पर, वित्त मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि 9.12 लाख करोड़ का यह बजट उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मार्ग को प्रशस्त करेगा। बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, युवाओं के कौशल संवर्धन और महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ गरीबी उन्मूलन सरकार के प्रमुख स्तंभ बने रहेंगे। यह बजट न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि आगामी वर्षों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश का रोडमैप भी तैयार करता है। सरकार का मानना है कि जब तक कानून व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक विकास की गति को बनाए रखना संभव नहीं है, और इसीलिए इस बजट में सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।