उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान सदन में भारी हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने जमकर नारेबाजी की, जिससे राज्यपाल का अभिभाषण बीच-बीच में रुकता रहा। राज्यपाल सदन में राज्य सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं पर बोल रही थीं, तभी सपा विधायकों ने तख्तियां उठाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सीएम योगी ने सदन में मुस्कुराते हुए कहा, “सरकार सभी मुद्दों पर खुली बहस के लिए तैयार है। हम विपक्ष के हर सवाल का जवाब देंगे।” उनके इस बयान पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और अन्य भाजपा विधायकों ने “जय श्री राम” के नारे लगाकर समर्थन जताया। सदन में दोनों तरफ से जोरदार नारेबाजी हुई, जिसके कारण कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इस बीच, सपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में भी प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लिए विधायकों ने राज्य सरकार पर PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के अधिकारों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। सपा विधायक सचिन यादव ने रानी अहिल्याबाई होल्कर का पोस्टर थामकर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ध्वस्तीकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने होल्कर का अपमान किया, जिन्होंने 300 साल पहले घाटों का विकास कराया था।सत्र के पहले दिन ही हंगामे और प्रदर्शन से सियासी तापमान बढ़ गया है। विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है, जबकि सत्ता पक्ष ने बहस के लिए तैयार रहने का ऐलान किया है। आगे के दिनों में क्या नया ड्रामा देखने को मिलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
