असम में बड़ा राजनीतिक विवाद: सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पर पाकिस्तान कनेक्शन के गंभीर आरोप लगाए, जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की सिफारिश
गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने कांग्रेस सांसद और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई तथा उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि गोगोई और उनकी पत्नी का पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से गहरा संबंध है, और यह मामला पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई से जुड़ा हो सकता है। असम कैबिनेट ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को इस मामले की जांच को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को सौंपने का फैसला किया, क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और राज्य स्तर पर आगे जांच संभव नहीं।
मुख्यमंत्री के प्रमुख आरोपप्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंत शर्मा ने कहा:
- एलिजाबेथ कोलबर्न 2011-12 में पाकिस्तान में LEAD Pakistan (अली तौकीर शेख की संस्था) में कार्यरत थीं। उन्होंने कुल 9 बार पाकिस्तान की यात्रा की।
- शेख ने उनकी सैलरी दी, और भारत में ट्रांसफर होने के बाद भी पाकिस्तानी स्रोत से पेमेंट जारी रहा, जो FCRA उल्लंघन हो सकता है।
- जब SIT ने एलिजाबेथ से पूछताछ की, तो उन्होंने पाकिस्तानी बैंक अकाउंट होने की पुष्टि की लेकिन इसे बंद करने या न करने पर जवाब देने से इनकार कर दिया। यह अकाउंट गोगोई के चुनावी हलफनामे में नहीं दिखाया गया।
- गौरव गोगोई 2013 में पाकिस्तान गए थे (लाहौर वीजा पर), लेकिन वहां पहुंचने पर पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने हस्तक्षेप कर उन्हें इस्लामाबाद और कराची बुलाया। यह एक सामान्य नागरिक को मिलने वाला ‘रेड कार्पेट’ स्वागत था।
- गोगोई 10 दिनों तक ‘डिजिटल साइलेंस’ में रहे। सीएम ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें वहां कोई विशेष ट्रेनिंग दी गई?
- गोगोई युवाओं के डेलिगेशन के साथ पाकिस्तान हाई कमीशन गए थे, और वहां की तस्वीर वायरल हुई। इसके बाद अब्दुल बसीत जैसे पाकिस्तानी अधिकारी असम आए।
- तीन प्रमुख किरदार: गौरव गोगोई, एलिजाबेथ कोलबर्न और अली तौकीर शेख। SIT रिपोर्ट में इनके बीच ‘गहरा संबंध’ पाया गया, जिसमें भारत-विरोधी साजिश का संदेह है।
SIT जांच और कैबिनेट फैसला
असम सरकार ने फरवरी 2025 में अली तौकीर शेख, गौरव गोगोई और एलिजाबेथ के खिलाफ कथित भारत-विरोधी गतिविधियों की जांच के लिए SIT गठित की थी। SIT ने सितंबर 2025 में रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी। कैबिनेट ने 7 फरवरी 2026 को फैसला लिया कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए जांच NIA, IB या अन्य केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए। रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी जा रही है।राजनीतिक प्रतिक्रियायह आरोप असम में बीजेपी-कांग्रेस के बीच तीखी बहस का केंद्र बन गए हैं। गोगोई ने अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत जवाब नहीं दिया है, लेकिन पहले ऐसे दावों को राजनीतिक साजिश करार दिया था। सीएम शर्मा ने कहा कि यह कोई राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।यह विवाद 2026 असम विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तापमान और बढ़ा रहा है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमलावर हैं।