पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा: भारत-मलेशिया संबंधों को नई ऊंचाई, 11 समझौतों पर हस्ताक्षर
क्वालालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में मलेशिया का दौरा किया, जहां उन्होंने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। दौरे के दूसरे दिन (8 फरवरी) दोनों नेताओं ने डेलिगेशन लेवल की व्यापक बातचीत की, जिसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, आपदा प्रबंधन, शांति स्थापना और अन्य क्षेत्रों में कुल 11 समझौता ज्ञापनों (MoUs) और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए, जो दोनों देशों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत
कियामलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच उत्कृष्ट संबंध स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने पीएम मोदी और उनकी टीम का आभार जताया। अनवर ने कहा, “हमने कुछ मुद्दों पर चर्चा की है जो चिंता का विषय हैं, और मुझे लगता है कि इन्हें हमारी टीमों द्वारा संबोधित किया जाना चाहिए। हम सभी क्षेत्रों में और अधिक सहयोग की उम्मीद करते हैं। यह दौरा मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने पीएम मोदी के व्यक्तिगत संघर्ष और यात्रा की सराहना की और कहा, “मैंने आपके संघर्ष को फॉलो किया है, और मुझे मोदी जी और भारत का महान व्यक्तिगत मित्र होने का सौभाग्य प्राप्त है।
पीएम मोदी ने मलेशिया को धन्यवाद दिया,
संबंधों की गहराई पर जोरपीएम मोदी ने हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मलेशियाई टीम ने उन्हें और उनकी टीम को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इतनी खूबसूरती से स्वागत किया कि यह हमारी यादों में हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा, “मैं इस दोस्ती की ऊंचाई और गहराई को पूरी तरह महसूस कर रहा हूं। यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री के रूप में मुझे तीसरी बार मलेशिया आने का अवसर मिला, और आपके कार्यकाल में चौथी बार आपसे मिलने का मौका मिल रहा है।” पीएम मोदी ने पिछले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों की गति और गहराई की सराहना की और अनवर इब्राहिम को विशेष धन्यवाद दिया।सहयोग के प्रमुख क्षेत्र और भविष्य की योजनाएंपीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों का सहयोग कृषि, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, स्किल डेवलपमेंट, रक्षा और सुरक्षा में लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने मलेशिया की ASEAN अध्यक्षता की सफलता के लिए बधाई दी और कहा कि इससे भारत-ASEAN संबंध और गहरे होंगे। लगभग 30 लाख भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों को दोनों देशों के बीच जीवंत पुल बताया। पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मित्र राष्ट्रों के समर्थन पर जोर दिया और कहा कि कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं, कोई समझौता नहीं।उन्होंने स्पष्ट किया, “मेरे इस दौरे का मुख्य संदेश बहुत स्पष्ट है: भारत मलेशिया के साथ मिलकर हमारे संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहता है और हर संभव क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहता है।” सुरक्षा क्षेत्र में काउंटर-टेररिज्म, इंटेलिजेंस शेयरिंग और मैरीटाइम सिक्योरिटी पर फोकस रहेगा।
AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी, हेल्थ, फूड सिक्योरिटी और CEO फोरम के माध्यम से ट्रेड-इन्वेस्टमेंट के नए अवसर खुलेंगे।साझा सांस्कृतिक विरासत और लोगों के बीच संबंधपीएम मोदी ने दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक मूल्यों और सदियों पुराने लोगों के बीच संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने तमिल भाषा के प्रति मलेशिया के लगाव को विशेष रूप से सराहा, जो दोनों देशों को जोड़ता है।यह दौरा भारत-मलेशिया संबंधों में नई गति और गहराई लाने वाला साबित हुआ है, जो वैश्विक अस्थिरता के दौर में दोनों समुद्री पड़ोसियों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।