बाराबंकी में आस्था पर प्रहार: अवसानेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह से 25 लाख के जेवरात पार, मंकी मास्क पहनकर आए चोरों ने दी पुलिस को चुनौती
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे पुलिस के खौफ से बेपरवाह होकर सीधे देवालयों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के सुप्रसिद्ध श्री अवसानेश्वर महादेव मंदिर का है, जहाँ मंगलवार की देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह में घुसकर करीब 25 लाख रुपये की कीमत के चांदी के आभूषण और कीमती पूजा सामग्री पर हाथ साफ कर दिया। इस बड़ी वारदात के बाद न केवल श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है, बल्कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हैदरगढ़ स्थित श्री अवसानेश्वर महादेव मंदिर में मंगलवार की रात सब कुछ सामान्य था। प्रतिदिन की भांति पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। लेकिन आधी रात के बाद शातिर चोरों ने मंदिर परिसर में धावा बोल दिया। चोरों ने बड़ी चालाकी से मंदिर के मुख्य चैनल गेट का ताला तोड़ा और सीधे गर्भगृह तक जा पहुंचे। चोरों ने भगवान शिव के विग्रह के ऊपर लगे विशाल चांदी के छत्र सहित करीब 8 किलो वजनी चांदी के विभिन्न आभूषण और अन्य बहुमूल्य सामान समेट लिया और फरार हो गए।
चोरी की इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा बुधवार सुबह उस समय हुआ जब मंदिर के पुजारी नित्य कर्म के अनुसार सुबह की आरती और साफ-सफाई के लिए मंदिर परिसर पहुंचे। पुजारी ने देखा कि मंदिर के प्रवेश द्वार का ताला टूटा हुआ है और गर्भगृह के भीतर सामान पूरी तरह बिखरा पड़ा है। भगवान के सिर पर विराजमान भव्य चांदी का छत्र भी अपनी जगह से गायब था। यह दृश्य देखकर मंदिर प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। देखते ही देखते मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही हैदरगढ़ के कोतवाल अभिमन्यु मल्ल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले से फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मंदिर के प्रवेश द्वार, गर्भगृह और दानपात्र के आसपास से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य साक्ष्य संकलित किए हैं। पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला तो चौंकाने वाली बात सामने आई। फुटेज के शुरुआती विश्लेषण से पता चला है कि चोरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मंकी मास्क (बंदर टोपी) पहन रखा था।
कोतवाल अभिमन्यु मल्ल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चोरी की गई चांदी की कुल मात्रा लगभग 8 किलोग्राम है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 25 लाख रुपये के आसपास आंकी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कई टीमें इस मामले के खुलासे के लिए लगा दी गई हैं। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़कर चोरी का माल बरामद कर लिया जाएगा।
हैरानी और चिंता की बात यह है कि बाराबंकी जिले में मंदिरों को निशाना बनाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। जिस समय हैदरगढ़ के अवसानेश्वर मंदिर में पुलिस जांच कर रही थी, उसी सुबह बड्डूपुर थाना क्षेत्र के भगौली तीर्थ स्थित एक अन्य मंदिर से भी चोरी की खबर सामने आई। वहाँ भी चोरों ने मंदिर के भीतर घुसकर कीमती पूजा सामग्री और अन्य सामान चोरी कर लिया। पिछले एक महीने के रिकॉर्ड को देखें तो जिले के आधा दर्जन से अधिक मंदिरों में चोरी की छोटी-बड़ी वारदातें हो चुकी हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय नागरिकों और साधु-संतों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि पुलिस की रात्रि गश्त केवल कागजों तक सीमित है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे हैं। अवसानेश्वर मंदिर जैसे प्रतिष्ठित स्थान पर हुई इस बड़ी चोरी ने सुरक्षा के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस पिकेट तैनात की जाए और गश्त बढ़ाई जाए ताकि आस्था के केंद्रों को सुरक्षित रखा जा सके।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे किसी पेशेवर अंतरराज्यीय गैंग का हाथ हो सकता है जो केवल मंदिरों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि पुलिस इन ‘नकाबपोश’ चोरों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है, अन्यथा इस तरह की घटनाएं क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए बड़ा खतरा बनी रहेंगी।