• February 3, 2026

संसद के बजट सत्र में सोमवार को भारी हंगामा: राहुल गांधी के बयान पर राजनाथ सिंह-अमित शाह की तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, 2 फरवरी 2026 — लोकसभा में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के बीच भारी उहापोह मच गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ के अंशों का हवाला देते हुए 2020 के पूर्वी लद्दाख गतिरोध का जिक्र किया, जिससे सदन में जमकर हंगामा हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख की किताब (जो अभी प्रकाशित नहीं हुई है) में वर्णित है कि 31 अगस्त 2020 को चीनी सेना के चार टैंक भारतीय क्षेत्र में घुस रहे थे और वे रेचिन ला  की ओर बढ़ रहे थे, जो कैलाश रेंज के पास है। उन्होंने एक मैगजीन (कारवां मैगजीन) में छपे अंश का हवाला देते हुए दावा किया कि यह 100% प्रामाणिक है और इससे पता चलता है कि कौन सच्चा देशभक्त है। राहुल गांधी ने बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाने के जवाब में यह बात कही और कहा कि सरकार किताब प्रकाशित नहीं होने दे रही है।
इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी सदन को गुमराह न करें। जिस किताब का वे हवाला दे रहे हैं, वह प्रकाशित ही नहीं हुई है। मैं चाहता हूं कि वे सदन के समक्ष वह पुस्तक पेश करें।” राजनाथ सिंह ने लोकसभा स्पीकर से अनुरोध किया कि बिना तथ्यों के ऐसे बयान देने की इजाजत न दी जाए, क्योंकि यह सदन के नियमों (रूल 349) के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अप्रकाशित सामग्री का हवाला देकर सशस्त्र बलों का मनोबल गिराने की कोशिश न की जाए।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी को टोका और कहा, “राहुल गांधी बिना प्रामाणिकता के बात न करें। वे एक मैगजीन की रिपोर्ट पढ़ रहे हैं, जिसमें कुछ भी लिखा जा सकता है। रक्षा मंत्री की बात पर भरोसा करें। राहुल को किसने बताया कि चीनी टैंक आए थे? चर्चा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हो रही है।”
विवाद की पूरी वजह क्या है?
यह पूरा विवाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘Four Stars of Destiny‘ से जुड़ा है, जिसमें 2020 के लद्दाख गतिरोध (गलवान संघर्ष सहित) के दौरान राजनीतिक और सैन्य निर्णयों का जिक्र है। किताब में 31 अगस्त 2020 की घटना का वर्णन है, जब चीनी टैंक और सैनिक रेचिन ला की ओर बढ़े थे, और नरवणे ने आदेश मांगे थे। यह अंश कारवां मैगजीन में छप चुका है, लेकिन किताब खुद अभी प्रकाशित नहीं हुई है (पेंगुइन रैंडम हाउस द्वारा प्रस्तावित, लेकिन रक्षा मंत्रालय की समीक्षा चल रही है)।
राहुल गांधी इसे कांग्रेस की देशभक्ति साबित करने के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे, जबकि सरकार का कहना है कि अप्रकाशित किताब का हवाला सदन के नियमों के विरुद्ध है और इससे गलत सूचना फैल सकती है। हंगामा लगभग 45-50 मिनट चला, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। स्पीकर ओम बिरला ने भी अप्रकाशित सामग्री पढ़ने की अनुमति नहीं दी।यह घटना भारत-चीन सीमा विवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक बहस को फिर से गरमा दिया है। आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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