नई दिल्ली: हर साल की तरह इस बार भी यूनियन बजट 2026-27 पेश होने के साथ-साथ सबकी नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पोशाक पर टिक गईं। रविवार को संसद में बजट पेश करने पहुंचीं निर्मला सीतारमण ने कांजीवरम साड़ी पहनकर सबका ध्यान खींचा। यह साड़ी तमिलनाडु के कांचीपुरम की प्रसिद्ध पारंपरिक और शाही साड़ी है, जो अपनी भारी जरी, मजबूत सिल्क और जटिल डिजाइन के लिए जानी जाती है।इस साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांजीवरम साड़ी का चुनाव एक सांकेतिक कदम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के सांस्कृतिक गौरव और वहां की हस्तशिल्प परंपरा को सम्मान देते हुए यह फैसला लिया। बजट में तमिलनाडु के लिए कई घोषणाएं भी की गईं,जैसे
एमएसएमई को बढ़ावा और टेक्सटाइल सेक्टर में सपोर्ट, जिससे यह साड़ी चुनावी माहौल में और भी प्रासंगिक लग रही है।
कांजीवरम साड़ियां न केवल तमिलनाडु की पहचान हैं, बल्कि इन्हें वैश्विक स्तर पर भी भारतीय हेरिटेज का प्रतीक माना जाता है। निर्मला सीतारमण ने पहले भी विभिन्न राज्यों की पारंपरिक पोशाकों को बजट के मौके पर पहनकर क्षेत्रीय भावनाओं को सम्मान देने का सिलसिला जारी रखा है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस चॉइस की तारीफ की है, कई ने इसे “तमिलनाडु के लिए सिल्की मैसेज” और “कल्चरल डिप्लोमेसी” का नाम दिया। वहीं कुछ ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि “बजट में जितनी साड़ी की जरी, उतनी ही तमिलनाडु के लिए स्कीम्स की जरी”।बहरहाल, कांजीवरम साड़ी ने इस बार के बजट को न सिर्फ आर्थिक, बल्कि सांस्कृतिक और राजनीतिक चर्चा का केंद्र भी बना दिया। अब देखना यह है कि तमिलनाडु में इस ‘साड़ी संदेश’ का असर चुनावी मैदान पर कितना पड़ता है।
