ataltv.com

Hindi News, Breaking Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, ताजा हिंदी ख़बरें

अलीगढ़ में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर: डीएम ने कक्षा 8 तक के स्कूलों में 10 जनवरी तक घोषित किया अवकाश

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों समेत अलीगढ़ जनपद में पड़ रही भीषण ठंड, शीतलहर और सुबह के समय छाने वाले घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। अलीगढ़ के जिलाधिकारी (डीएम) संजीव रंजन ने जिले के सभी बोर्डों के स्कूलों के लिए नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के स्कूल अब आगामी 10 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेंगे। मौसम के बदले मिजाज और गिरते तापमान के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

जिलाधिकारी का सख्त आदेश और समय-सीमा

अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जनपद में लगातार बढ़ रही ठंड और घने कोहरे की स्थिति को देखते हुए छात्र हित में अवकाश घोषित करना आवश्यक हो गया था। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कक्षा नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल, जिनमें सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और यूपी बोर्ड से संबद्ध विद्यालय शामिल हैं, 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। चूंकि 11 जनवरी को रविवार का सार्वजनिक अवकाश है, इसलिए अब जिले के ये सभी स्कूल पांच दिनों के लंबे अंतराल के बाद 12 जनवरी, सोमवार को खुलेंगे। डीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का अनुपालन जिले के प्रत्येक विद्यालय में कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए।

शीतलहर और कोहरे के कारण स्वास्थ्य का बढ़ता जोखिम

पिछले कुछ दिनों से अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और देर शाम चलने वाली बर्फीली हवाओं (शीतलहर) ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए सुबह जल्दी उठकर स्कूल जाना एक बड़ी चुनौती बन गया था, जिससे उनके बीमार पड़ने का खतरा बढ़ रहा था। इसके अलावा, घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) बहुत कम हो गई है, जिससे स्कूली वाहनों और साइकिल से जाने वाले छात्रों के लिए सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ जाता है। इन सभी विषम परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही जिला प्रशासन ने शैक्षणिक गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।

अभिभावकों और छात्रों को मिली बड़ी राहत

जिला प्रशासन के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। कई दिनों से अभिभावक संघ और स्थानीय लोग सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से स्कूलों के समय में परिवर्तन या अवकाश की मांग कर रहे थे। अभिभावकों का कहना है कि भीषण ठंड में बच्चों को तैयार करना और कोहरे के बीच उन्हें स्कूल भेजना मानसिक और शारीरिक रूप से तनावपूर्ण था। अब 12 जनवरी तक मिली इस छुट्टी से बच्चों को घर के सुरक्षित और गर्म वातावरण में रहने का मौका मिलेगा। हालांकि, शिक्षकों का कहना है कि इस दौरान छात्रों को घर पर ही अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए और शिक्षक ऑनलाइन माध्यमों से बच्चों के संपर्क में रहकर उन्हें शीतकालीन गृहकार्य प्रदान कर सकते हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े अनुपालन के निर्देश

जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को निर्देशित किया है कि वे अपनी टीम के साथ स्कूलों का औचक निरीक्षण करें। यदि कोई भी विद्यालय इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है या छोटे बच्चों को स्कूल बुलाता है, तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश छात्रों की सुरक्षा के लिए सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के समय में भी परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है, जिस पर मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे निर्णय लिया जा सकता है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान और सावधानी की अपील

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है। कोहरा और अधिक घना हो सकता है तथा न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम रखें और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। स्कूली बच्चों के लिए घोषित यह अवकाश वर्तमान में एक आवश्यक सुरक्षा उपाय के रूप में देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *