• January 2, 2026

Global Diplomacy Score: रूसियों के लिए 30 दिन का वीजा फ्री, भारतीय पासपोर्ट से 59 देशों में आसान एंट्री!

Global Diplomacy Score: भारत (India) और रूस (Russia) के कूटनीतिक रिश्ते अब केवल रक्षा (Defence) और ऊर्जा (Energy) समझौतों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि आम नागरिकों की आवाजाही को भी नई गति मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की हालिया शिखर बैठक के बाद भारत ने रूस से आने वाले पर्यटकों के लिए 30 दिन की ई-वीजा सुविधा देने का बड़ा निर्णय लिया है। यह फैसला पर्यटन (Tourism), व्यापार और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसी बीच, एक और बड़ी खबर आई है: भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) की ताकत लगातार बढ़ रही है। 2025 के नवीनतम पासपोर्ट इंडेक्स (Passport Index) के अनुसार, भारतीय नागरिक अब कुल 59 देशों में वीजा-मुक्त या आसान प्रवेश (Easy Entry) की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। आखिर भारत की इस बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता के पीछे की कूटनीति क्या है? तो चलिए जानते हैं पूरी खबर क्या है, जानते हैं विस्तार से…

मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता से यात्रा सुगम

भारत (India) और रूस (Russia) के बीच रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव है, जो दशकों से रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और वैश्विक मंचों पर सहयोग तक फैली हुई है। हाल ही में नई दिल्ली (New Delhi) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के बीच हुई उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक में, दोनों देशों ने विशेष रूप से समुद्री ढांचे और पोत परिवहन (Shipping) को सरल बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का सीधा उद्देश्य भारत और रूस के बीच व्यापारिक और रसद (Logistics) आवाजाही को और ज्यादा आसान बनाना है। इसी बैठक के परिणामस्वरूप, भारत सरकार ने रूस से आने वाले पर्यटकों के लिए 30 दिनों के भीतर ई-वीजा (e-Visa) सुविधा शुरू करने का ऐलान किया। यह घोषणा स्पष्ट रूप से दोनों देशों के बीच जनता-से-जनता (People-to-People) के संपर्क को बढ़ाने पर केंद्रित है।

ई-वीजा का वादा और 59 देशों की आसान एंट्री

द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त प्रेस बयान में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने स्पष्ट किया कि भारत, रूस (Russia) से आने वाले सैलानियों के लिए ई-वीजा प्रक्रिया को बेहद आसान बनाने जा रहा है और यह सुविधा 30 दिनों के भीतर पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी। इस सुविधा का सीधा प्रभाव पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों की यात्राओं पर पड़ेगा। इसी घटनाक्रम के साथ, भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। Henley & Partners के 2025 पासपोर्ट इंडेक्स (Passport Index) के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारक अब कुल 59 देशों और क्षेत्रों में या तो वीजा-मुक्त (Visa-Free), वीजा-ऑन-अराइवल (Visa-on-Arrival), या ई-टीए (e-TA) सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। यह भारत के नागरिकों के लिए विदेश यात्रा की लंबी और जटिल वीजा प्रक्रिया से एक बड़ी राहत है।

रणनीतिक विश्वास और ट्रैवल उद्योग का दृष्टिकोण

कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत (India) द्वारा रूस (Russia) के लिए वीजा प्रक्रिया को इतना सरल बनाना सिर्फ पर्यटन के हित में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह दोनों राष्ट्रों के बीच गहराते रणनीतिक भरोसे (Strategic Trust) का प्रतीक है। विदेश नीति के जानकारों का मत है कि ऐसे कदम तभी उठाए जाते हैं जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक स्थिरता, सुरक्षा सहयोग और आपसी विश्वास अपने उच्च स्तर पर हो। वहीं, पासपोर्ट इंडेक्स में उछाल पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रैवल इंडस्ट्री (Travel Industry) के विशेषज्ञों ने कहा कि मलेशिया (Malaysia), मालदीव (Maldives), थाईलैंड (Thailand), नेपाल (Nepal) और भूटान (Bhutan) जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में वीजा-मुक्त या आसान एंट्री की सुविधा ने भारतीय मध्यम वर्ग के लिए विदेशी यात्राओं को आर्थिक रूप से सस्ती और अधिक सुलभ बना दिया है। यह भारत की सॉफ्ट पावर (Soft Power) में वृद्धि का संकेत है।

ई-वीजा का क्रियान्वयन और भविष्य की कूटनीति

फिलहाल भारत सरकार रूस (Russia) के लिए इस नई ई-वीजा प्रणाली को लागू करने हेतु अंतिम चरण की तकनीकी प्रक्रिया (Technical Process) में जुटी हुई है, और उम्मीद है कि यह सुविधा निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी तरह से चालू हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप, रूसी पर्यटकों के भारत आने की संख्या में जबरदस्त वृद्धि होने की संभावना है। दूसरी ओर, भारतीय पासपोर्टधारकों को 59 देशों में मिली यह आसान प्रवेश सुविधा भारत की प्रभावी विदेश नीति (Foreign Policy) और मजबूत होती वैश्विक छवि का सीधा परिणाम मानी जा रही है। यह लाभ केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों, शिक्षा और स्टार्टअप्स के लिए अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्किंग (International Networking) के अवसरों को भी बढ़ाएगा। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भारत कई अन्य देशों के साथ वीजा छूट (Visa Waiver) समझौतों पर बातचीत कर सकता है, जिससे भारतीय नागरिकों के लिए विश्व पटल पर और भी अधिक दरवाजे खुलेंगे।

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