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भारतीय मजदूर संघ ने उठाया श्रमिकों के न्यूनतम वेतन का मामला

भारतीय मजदूर संघ, हरिद्वार इकाई ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन और अन्य सुविधाओं का मामला उठाते हुए उनके शोषण के लिए श्रम अधिकारियों को चेताया।

भारतीय मजदूर संघ जिला इकाई ने शनिवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मजदूर सलाहकार बोर्ड के परामर्श पर प्रदेश सरकार ने मजदूरों, श्रमिकाें के लिए जो 25 प्रतिशत की न्यूनतम वेतन की घोषणा की थी। उसे दो महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक कई उद्योगों के तरफ से उसका पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ ने कड़े संघर्ष के बाद शासन से मजदूरों, श्रमिकों के हितों के लिए सरकार से यह मंजूरी हासिल की है, लेकिन देखा जा रहा है कि कई उद्योग घराने मजदूरों को न्यूनतम वेतन नहीं दे रहे हैं।

उन्होंने न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 का हवाला देते हुए कहा कि इस एक्ट में हर पांच वर्षों में न्यूनतम वेतन की बढ़ोत्तरी सरकार करती है। अधिकांश औद्योगिक घराने न्यूतम वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं के नाम पर सरकार से सब्सिडी तो ले रहे हैं, लेकिन अपने यहां काम करने वाले श्रमिकों को इसका लाभ नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं ट्रेनिंग के नाम पर उद्योगों में काम कर रहे ट्रेनी श्रमिकाें से मशीनों पर पूरा पूरा काम लिया जा रहा है,जिसके चलते दुर्घटना की स्थिति में यही उद्योग श्रमिकों को नियमों की आड़ लेकर मुआवजा तक नहीं देते।

श्रम अधिकारियों की मिलीभगत-

उन्होंने पत्रकारों के समक्ष श्रमिकों के साथ हो रहे अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि आज श्रमिकाें की सुनवाई श्रम कार्यालय में तैनात अधिकारियों की तरफ से नहीं की जाती बल्कि फैक्टरी मैनेजमेंट के साथ मिलकर श्रम अधिकारी श्रमिकों का जमकर उत्पीड़न कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने उद्योगपतियों से श्रम अधिकारियों की मिलीभगत बताया।

ईएसआईसी और पीएफ लाभ से भी कई वंचित-

उन्होंने कहा कि ईएसआईसी और पीएफ के लाभ से भी श्रमिकाें को वंचित रखा जा रहा है, जिससे उनके इलाज और पेंशन की व्यवस्था भी नहीं हो पाती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जो उद्योग न्यूनतम वेतन नहीं दे रहे हैं, ऐसे उद्योगों को चिह्नित कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाये जो प्रबंधन के साथ मिलकर श्रमिकों का उत्पीड़न करते है।

इस दौरान ललित पुरोहित, बीएमएस के जिला मंत्री, प्रदेश महामंत्री, पवन शर्मा भारतीय मजदूर संघ, नरेश रावत सदस्य न्यूनतम मजदूरी सलाहकार बोर्ड, शोलन कुमार, राजवीर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, पीयूष अग्रवाल आदि कई सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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