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पर्वतीय मार्गों और व्हीलबेस बसों के संचालन का संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने किया विरोध

संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने चार धाम यात्रा 2024 के दौरान पर्वतीय मार्गों पर 174 और 177 व्हीलबेस की बसों को अनुमति दिए जाने का विरोध किया है। निजी परिवहन संस्थाओं ने स्पष्ट किया है कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया जाता है, तो इसके खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उक्त जानकारी रविवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने दी।

संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा को लेकर सभी नौ परिवहन संस्थाओं ने संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति का गठन किया है। इस वर्ष चार धाम यात्रा इसी यात्रा व्यवस्था समिति के अंतर्गत संचालित होगी। संयुक्त रोटेशन कई वर्षों से चार धाम यात्रा का संचालन कर रहा है, जिससे शासन प्रशासन को भी बड़ी राहत मिलती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी संयुक्त रोटेशन तीर्थ यात्रा को बेहतर यात्रा सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग के अधिकारी वर्षों से पर्वतीय मार्गों पर यातायात व्यवस्था और चार धाम यात्रा संचालित कर रही निजी परिवहन संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि हाल में ही परिवहन विभाग ने पर्वतीय मार्गों पर 174 और 177 व्हीलबेस की बसों को संचालन की अनुमति जारी की गई है, जो उत्तराखंड के परिवहन व्यवसाय के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय मार्गों पर अब तक 166 व्हीलबेस की बसों का संचालन किया जा रहा है। बड़े व्हीलबेस की बसों के संचालन से बड़ी संख्या में उत्तराखंड के परिवहन व्यवसाय प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर संयुक्त रोटेशन उच्च न्यायालय की शरण में जाएगा। उन्होंने कहा कि बिना किसी सर्वे, आपसी सुझाव और बातचीत के इस तरह के फैसले लेना किसी तरह से उचित नहीं है।

संयुक्त रोटेशन के पूर्व अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष चार धाम यात्रा में बाहरी राज्यों के वाहनों का दखल बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े व्हीलबेस की बसों को अनुमति दिए जाने से यह व्यवस्था और भी बिगड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अधिकारियों की सोची समझी साजिश है।

संयुक्त रोटेशन के पदाधिकारियों का कहना था कि अभी तक परिवहन विभाग और शासन प्रशासन में चार धाम यात्रा को लेकर संयुक्त रोटेशन के साथ कोई बैठक अथवा वार्ता नहीं की है, जो प्रशासन के उदासीन रवैया को दर्शाता है। उन्होंने शीघ्र बैठक बुलाकर परिवहन व्यवसायियों के सुझाव शामिल करने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में यातायात के पूर्व अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूप कुंड के भोपाल सिंह नेगी, यातायात के पूर्व निदेशक दाता राम जोशी, ट्रक यूनियन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, बलवीर रौतेला, विनोद प्रसाद भट्ट, योगेश उनियाल आदि उपस्थित थे।

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