• March 8, 2026

लक्ष्मण को लगी शक्ति, संजीवनी लाकर बजरंगबली ने बचाए प्राण

 लक्ष्मण को लगी शक्ति, संजीवनी लाकर बजरंगबली ने बचाए प्राण

लक्ष्मण को लगी शक्ति, संजीवनी लाकर बजरंगबली ने बचाए प्राण

-बनखंडी में आयोजित रामलीला के 11वें दिन सुलोचना महल और लक्ष्मण शक्ति तक की लीला का हुआ मंचन

-मंगलवार को त्रिवेणी घाट पर होगा कुंभकरण, मेघनाथ और रावण वध की लीला का मंचन व पुतला दहन, निकलेगी शोभायात्रा
ऋषिकेश, 23 अक्टूबर ( हि.स.)। तीर्थनगरी की वर्ष 1955 से स्थापित सुभाष बनखंडी श्री रामलीला मंचन के 11वें दिन सुलोचना महल और लक्ष्मण को लगी शक्ति की लीला का मंचन हुआ। इस दौरान लक्ष्मण को मूर्छा आ जाने पर रामभक्त भाव विभोर हो उठे। यह दृश्य देखकर मंचन देख रहे दर्शक भी विभाेर हो उठे।

बनखंडी रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला के 11वें दिन का शुभारंभ सुलोचना महल से हुआ। इसमें रावण पुत्र मेघनाथ की पत्नी सुलोचना अपने पति का इंतजार कर रही होती है, तभी मेघनाथ का प्रवेश होता है। मेघनाथ पत्नी सुलोचना से युद्ध में जाने से पूर्व विदा लेने आता है। इसके बाद सुलोचना पति की युद्ध में विजय की कामना करते हुए विजय तिलक लगाती है। लीला के दूसरे दृश्य में युद्धस्थल पर लक्ष्मण और मेघनाथ का युद्ध होता है। दोनों में जोरदार युद्ध के बाद जब मेघनाथ लक्ष्मण का बाल भी बांका नहीं कर पाता है तो वह लक्ष्मण को हनुमान के बल पर युद्ध ना करने को कहता है।
इस बार लक्ष्मण जी बजरंगबली को दूसरे स्थान पर जाकर युद्ध करने को कहते हैं। इसके बाद मेघनाथ छल का प्रयोग कर ब्रह्म शक्ति के जरिए लक्ष्मण जी को मूर्छित कर देता है। लक्ष्मण जी की मूर्छित होने की सूचना पाकर राम दल में हा हाकार मच जाता है। श्रीराम का रो-रो कर बुरा हाल हो जाता है, तभी विभीषण श्रीराम को लंका के सुषेन वैद्य के बारे में बताते हैं। सुषेन वैद्य को हनुमान लंका से उठाकर ले आते हैं। सुषेन वैद्य श्रीराम को संजीवनी बूटी के बारे में बताते हैं। इस पर प्रभु राम हनुमान जी को संजीवनी बूटी लाने को कहते हैं। हनुमान जी संजीवनी लेने जाते हैं मगर उन्हें बूटी की समझ ना होने के कारण वह पूरा पर्वत ही उठाकर राम दल में ले आते हैं।
इसके बाद वैद्य द्वारा संजीवनी बूटी के जरिए लक्ष्मण जी के मूर्छित अवस्था को ठीक किया जाता है। इस दौरान पंडाल में राम भक्त भावविभोर होकर जय श्री राम के जयकारे लगाते हैं।
इस मौके पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, सुरेंद्र कुमार, दीपक जोशी, निर्देशक मनमीत कुमार, पप्पू पाल, ललित शर्मा, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल आदि उपस्थित रहे।

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