• April 23, 2026

रक्षाबंधन परम्परागत पौराणिक धार्मिक आस्था व अर्वाचीन विचारधारा में पर्व की तैयारी शुरू

 रक्षाबंधन परम्परागत पौराणिक धार्मिक आस्था व अर्वाचीन विचारधारा में पर्व की तैयारी शुरू

जिला मुख्यालय सहित सुदूर ग्रामीण परिवेश में रक्षाबंधन पर्व की उत्साहपूर्ण वातावरण एक दिन पहले बुधवार से ही चहुंओर दृष्टव्य है।

भाई – बहन की इस पवित्र पर्व को स्थानीय बाजार में बुधवार को रौनक देखा गया। आधुनिकीकरण में राखी पर्व की हाईटेक बाजार में मिथिला पेंटिंग,सिक्की कला की मांग बढी है।बाजार में लिवाली तेज है।

रक्षाबंधन परम्परागत सांस्कृतिक पौराणिक धार्मिक आशीष मंगलकामना की उपादेयता है।शास्त्रीय कथानकों व पारस्परिक मान्यताओं पर आश्रित रक्षाबंधन दीर्घायु भवः की जीवन निरापद धागा को मजबूत धागा से अनुरक्षण है।

पुरोहित- पंडितों व श्रेष्ठ संबन्धिकों सहित बहनों द्वारा मंत्र पढकर कलाई पर राखी बांधने की व्यवहार है।श्रावण मास के पूर्णिमा दिन आप्त शुभेच्छुओं द्वारा आयु रक्षा की निमित्त स्नेहिल भाव परक आशीर्वाद दिया जाता है।अवसर पर ” येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महबलः,तेन त्वाम् प्रतिबद्ध नामि रक्षे माचल माचलः ” मंत्र के संग कलाई पर रंगीन रूई धागा वाला राखी बांधा जाना परम्परानुसार होता रहा है।

वर्तमान युग की मांग समर्थन में रक्षाबंधन पर्व की उत्साहपूर्ण माहौल देखते बनती है।बेटी बचाओ बेटी पढाओ की उत्कृष्ट विचारक व्यवहार में भाई- बहन की अप्रतिम आवेश की उमंग राखी में चहुंओर देखते बनती।

रक्षाबंधन की वर्तमान आकर्षक रूप।

राखी पर्व में दूरदराज रहने वाले भाई बहन के बीच पहले शर्तवर्त के साथ उत्साहपूर्ण बातचीत शुरू होती है।फिर बाजार में सजी दूकानों पर राखी खरीदने की दौर।क्रमशः लघु उद्योग का रूप धारण कर चुकी राखी निर्माण की व्यवस्थित बाजार में विपणन को प्रतिस्पर्धात्मक राखी सजती है।खासकर इस बर्ष मिथिला पेंटिंग के माध्यम से ग्रामीण मनोरम दृश्य के साथ प्रकृतिक रंग से तैयार किया गया राखी खुब बिक्री हुई।

बड़ाबाजार का मनोज पटवा ने बताया कि स्थानीय गांव से पेंटिंग कलाकारों द्वारा तैयार राखी की आवक काफी है।बहना ज्यादातर मिथिला पेंटिंग युक्त राखी खरीद की है।राखी निर्माण में मिथिला पेंटिंग कलाकारों को उचित पारिश्रमिक मिली है।मनोज पटवा के मुताबिक साधारण व उंचे मूल्य की राखी बिकी है।दुकानदारों को भी खासे कमाई हुई।

चांदी कोटेड राखी की बिक्री।

इस बर्ष उंचे मूल्य पर चांदी वर्क युक्त सुन्दर चमकदार राखी बाजार में बिक रही है।सोना-चानी प्रतिष्ठान पर सुपर्व क्वालिटी की राखी उपलब्ध है।आभूषण व्यापारी आकर्षण कुमार ने बताया कि बाहर से तैयार नक्काशीदार चांदी की राखी की खासे बिक्री रही।दूकान पर कुछ परिवार व लोगों की शुरू में ही एल्बम दिखाकर मांग सुनिश्चित की गई। दिन नजदीक आने पर फोन से सूचना भेजकर राखी की आपूर्ति अभी जारी है। चांदी वाली राखी की बिक्री में व्यापारियों को उचित लाभ मिल रहा है।

सिक्की कला से राखी निर्माण।

पंडौल प्रखंड के रामपुर गांव का एवार्डी कलाकार धीरेन्द्र कुमार दत्तचित होकर सिक्की से राखी बनाया। बाजार में विपणन की व्यवस्थित इन्तजाम से खासे आमदनी किया।वहीं सरहद शाहपुर की श्रीमती रेणु देवी कामगार घरेलु उद्योग में राखी तैयार की है।बताया कि अच्छी कमाई हुई है।

ज्योतिष विज्ञान अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य डा सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि रक्षाबंधन शास्त्रीय पौराणिक धार्मिक आचरण व अर्वाचीन विचार से मेल मिलाप संग पवित्र त्योहार है।इस वर्ष श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन पर्व गुरुवार 31 अगस्त को मुकर्रर है।

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