तुलसी का पूजन कर मनाई देवशयनी एकादशी
आज घरों में देवशयनी एकादशी मनाई गई। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भजन कीर्तन कर तुलसी के पौधे लगाए। इस दौरान महिलाओं ने एकादशी का व्रत रखा व भगवान विष्णु की पूजा की।
मंदिर के पुजारी ने देवशयनी एकादशी के बारे में बताया कि इस दिन हरि विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। इसलिए इन चार महीने के दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता। यह समय चातुर्मास माना जाता है। इस समय कोई भी मांगलिक या भौतिक कार्य नहीं होता है, लेकिन तपस्या और धर्म के कार्य किए जाते हैं। अतः धार्मिक दृष्टि से यह महीने बहुत ही शुभ माने जाते है। देवशयनी एकादशी 29 जून से शुरू 30 जून को समाप्त होगी। देवशयनी एकादशी को ही पद्मा एकादशी, प्रबोधिनी एकादशी, आषाढ़ी एकादशी और हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। आज देवशयनी एकादशी पर विभिन्न संस्थाओं व सामाजिक संगठनों ने भी विधि-विधान से विष्णु भगवान व तुलसी का पूजन किया।




