• March 11, 2026

सतत विकास लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण है पंचायतों की भूमिका : डीएम

 सतत विकास लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण है पंचायतों की भूमिका : डीएम

सरकार समाज के हर व्यक्ति के समुचित विकास एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं को उन तक पहुंचाने के लिए सतत कार्य कर रही है। इसमें पंचायतों की भूमिका से अच्छे परिणाम आए हैं। लेकिन विकास लक्ष्यों का स्थाई और स्थानीयकरण करना बहुत जरूरी है।

रिफाइनरी टाउनशिप जुबली हॉल में बुधवार को पंचायतों के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के स्थानीयकरण के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बातें डीएम रोशन कुशवाहा ने कही। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के लिए विषयगत दृष्टिकोण अपनाया गया है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसके लिए नौ विषय गरीबी मुक्त पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ और हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त पंचायत, सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत, सुशासित पंचायत तथा महिला हितैषी पंचायत तय किए गए हैं। जमीनी स्तर पर कार्य कर वैश्विक मुद्दों को सुलझाया जा सकता है।सतत विकास के लक्ष्यों का स्थानीयकरण करके हम आसानी से इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने में पंचायतों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।पंचायतों के मुखिया पर दायित्व है कि वे अपने क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करें।

कार्यशाला का उद्देश्य है कि पंचायतों को सतत विकास की ओर कैसे ले जाएं। हम एक क्षेत्र का विकास करते हैं तो दूसरा प्रभावित होता है। संयुक्त राष्ट्र में संस्था ने सतत विकास का खाका तैयार किया है। सभी कार्य के लिए अलग-अलग मानक तैयार किए गए हैं। दिए गए बिंदुओं पर सोचें और लक्ष्य प्राप्त करें। छोटे-छोटे कार्य से इसमें सफलता पा सकते हैं।अपने पंचायत और पंचायत वासियों के विकास के लिए आगे बढ़ते रहें। समाज के प्रति दायित्व का निर्वहन करें। पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी निभाएं। सतत विकास लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे वैश्विक स्तर पर मानक के अनुसार हो रहे काम को देख सकें। कई बार बाहर की एजेंसी आकर पंचायतों में मूल्यांकन करती है।

लेकिन उसमें कमी दिखाई पड़ती है। इससे लगता है कि हम विकास में पीछे हैं। जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधि को उन मानकों की जानकारी नहीं रहने के कारण ऐसा होता है। वैश्विक स्तर पर तय किए गए लक्ष्य से अवगत कराया जा रहा है। कोशिश है कि एक वर्ष में पंचायत उस लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। जिससे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सके। लोगों का जीवन स्तर अच्छा किया जा सके।इससे पूर्व डीएम ने डीडीसी सुशांत कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार सिन्हा एवं मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष मो. अहसन के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।

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