• March 19, 2026

केरल के 70% विधायकों पर आपराधिक मामले, आधे से ज्यादा करोड़पति: ADR रिपोर्ट

नई दिल्ली: Association for Democratic Reforms (ADR) और Kerala Election Watch की ताजा रिपोर्ट में केरल की राजनीति को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के मौजूदा लगभग 70 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि आधे से अधिक विधायक करोड़पति हैं।

यह रिपोर्ट केरल विधानसभा के 132 विधायकों द्वारा दाखिल हलफनामों के विश्लेषण पर आधारित है। इसमें पाया गया कि 92 विधायकों ने अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें से 33 विधायकों पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 2 विधायकों ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के मामले घोषित किए हैं, जबकि 3 विधायकों पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत केस दर्ज हैं। इसके अलावा 3 विधायकों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले हैं, जिनमें एक पर बलात्कार का आरोप भी शामिल है।

पार्टीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो Communist Party of India (Marxist) (CPI(M)) के 58 में से 43 विधायक (74%) आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। Indian National Congress के 21 में से 19 विधायक (90%) पर केस दर्ज हैं। वहीं Communist Party of India के 44% और Indian Union Muslim League (IUML) के 86% विधायकों ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।

आर्थिक स्थिति की बात करें तो 132 में से 72 विधायक (55%) करोड़पति हैं। सभी विधायकों की कुल घोषित संपत्ति 363.78 करोड़ रुपये है, जबकि प्रति विधायक औसत संपत्ति 2.75 करोड़ रुपये आंकी गई है। कुछ दलों—जैसे केरल कांग्रेस (एम), जेडी(एस), एनसीपी और केरल कांग्रेस—के सभी विधायक करोड़पति हैं। IUML के 86%, कांग्रेस के 62% और CPI(M) के 40% विधायक करोड़पति हैं।

सबसे अमीर विधायकों में कांग्रेस के Mathew Kuzhalnadan शीर्ष पर हैं, जिनकी संपत्ति 34 करोड़ रुपये से अधिक है। दूसरे स्थान पर निर्दलीय Mani C. Kappan (27 करोड़ रुपये से ज्यादा) और तीसरे स्थान पर केरल कांग्रेस (बी) के K. B. Ganesh Kumar (19 करोड़ रुपये से अधिक) हैं। वहीं सबसे कम संपत्ति P. P. Sumeod (CPI(M)) ने घोषित की है, जो मात्र 9.9 लाख रुपये है।

शिक्षा के स्तर पर 61% विधायक ग्रेजुएट या उससे अधिक शिक्षित हैं, जबकि 36% ने 5वीं से 12वीं तक की पढ़ाई की है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी कम है—सिर्फ 11 महिला विधायक हैं, जो कुल का 8% है।

उम्र के आधार पर 70% विधायक 51 से 80 वर्ष के आयु वर्ग में आते हैं, जबकि 30% की उम्र 25 से 50 वर्ष के बीच है। यह रिपोर्ट राज्य की राजनीति में आपराधिक और आर्थिक प्रोफाइल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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