एप्सटीन फाइल्स पर बवाल: राहुल गांधी ने हरदीप सिंह पुरी पर लगाया नाम आने का आरोप, मंत्री ने दिया तगड़ा पलटवार – ‘आधारहीन बातें, ईमेल पढ़ तो लो’
नई दिल्ली: दुनियाभर में जेफरी एप्सटीन फाइल्स को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इसी बीच, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाया है। राहुल ने दावा किया कि एप्सटीन फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल है। अब इस आरोप पर हरदीप सिंह पुरी ने करारा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी सफाई पेश की और राहुल गांधी पर पलटवार किया।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उन्होंने एप्सटीन से मुलाकात तब की थी, जब वे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) में काम कर रहे थे। विदेश सेवा से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने IPI जॉइन किया था, जहां उनके बॉस एप्सटीन को जानते थे। पुरी ने स्पष्ट किया कि 8 सालों में एप्सटीन से उनकी सिर्फ तीन बार मुलाकात हुई, लेकिन वह कभी पर्सनली नहीं मिले और एप्सटीन आईलैंड से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
हरदीप सिंह पुरी का राहुल गांधी पर पलटवारपुरी ने राहुल गांधी को “युवा नेता” कहते हुए तंज कसा और कहा, “एक हमारे युवा नेता हैं, जिन्हें आधारहीन आरोप लगाने की आदत है। एक हमारे नेता (पीएम मोदी) हैं, जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को 10वें पायदान से चौथे पायदान पर पहुंचाया। और एक दूसरे नेता हैं, जो कभी-कभार देश में आते हैं, संसद में अपनी बात रखते हैं और भाग जाते हैं।”पुरी ने राहुल के पुराने किस्सों का जिक्र करते हुए कहा, “ये वही नेता हैं, जो मनमोहन सिंह सरकार के समय अध्यादेश को फाड़ देते हैं। ये वही नेता हैं, जो एक बार बता रहे थे कि एक ब्राजीलियन मॉडल ने 21 जगह वोट बना लिया। ये नेता कहते हैं कि हमारी इकॉनमी ‘डेड इकॉनमी’ है। डिक्शनरी की मीनिंग नहीं पता तो कम से कम कॉमन सेंस वाली मीनिंग तो समझ लो।
“एप्सटीन फाइल्स और ईमेल का जिक्रपुरी ने अपनी सफाई में कहा, “इन्होंने (राहुल) हमारा नाम आज संसद में लिया और कहा कि मेरा नाम भी एप्सटीन फाइल में है। बता रहे थे कि 3 मिलियन ईमेल सामने आए हैं। मैं उस वक्त नौकरी में नहीं था। उस समय मैं इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट का सेक्रेटरी जनरल था। एप्सटीन से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला। 8 साल में 3 बार मिला था। ये बात 2009 की है। मैं खुद व्यक्तिगत रूप से एप्सटीन से नहीं मिला।”पुरी ने एक ईमेल का हवाला दिया: “13 नवंबर 2014 का मेल है। लिंक्डइन के फाउंडर रीड हॉफमैन को मैंने एक प्राइवेट व्यक्ति के तौर पर ईमेल किया था, जिसमें कहा था कि इंडिया में डिजिटाइजेशन बहुत रफ्तार से बढ़ रहा है। लिंक्डइन के फाउंडर को खुद इंडिया जाकर देखना चाहिए, अपने फॉलोअर्स को बढ़ा सकते हैं। मैं डिजिटल इंडिया की बात कर रहा था। इसके बाद एप्सटीन ने रीड हॉफमैन को एक ईमेल किया था, जिसमें मेरे लिए लिखा कि ये ‘टू फेस पर्सन’ है। अगर सांप और भारतीय दिखे तो पहले भारतीय को मारो। आरोप लगाने से पहले एक बार ईमेल पढ़ तो लो।”यह विवाद संसद के बजट सत्र में उठा, जहां राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए थे। हरदीप सिंह पुरी के इस जवाब से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। राहुल गांधी की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।