• February 1, 2026

Vladimir Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति पुतिन कब आएंगे भारत? उनके शेड्यूल को लेकर आया बड़ा अपडेट और ‘भव्य यात्रा’ का दावा।

भारत (India) और रूस (Russia) के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) अगले महीने की शुरुआत में, यानी 4 और 5 दिसंबर को दो दिवसीय भारत यात्रा (India Visit) पर नई दिल्ली (New Delhi) पहुंचेंगे। रूस को भारत के सबसे भरोसेमंद दोस्तों में से एक माना जाता है, और इस उच्च-स्तरीय यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में नई मजबूती आने की उम्मीद है। क्रेमलिन (Kremlin) के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव (Yuri Ushakov) ने रूसी सरकारी टीवी को दिए एक बयान में पुष्टि की है कि पुतिन की यह आगामी भारत यात्रा “बहुत भव्य” और “सार्थक” होने वाली है। यह यात्रा द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर महत्वपूर्ण चर्चाओं का मंच बनेगी।

भरोसेमंद साझेदारी का मजबूत संकेत

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की भारत यात्रा की घोषणा दोनों देशों के बीच दशकों पुराने विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है। पुतिन 4 और 5 दिसंबर को दो दिन के लिए भारत आएंगे। यह यात्रा उस समय हो रही है, जब वैश्विक भू-राजनीति में बड़े बदलाव आ रहे हैं। रूसी सरकारी टीवी (VGTRK Russian State TV) ने क्रेमलिन (Kremlin) के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव (Yuri Ushakov) के हवाले से बताया कि रूस और भारत इस यात्रा की तैयारी जोर-शोर से कर रहे हैं। उशाकोव (Ushakov) ने इस यात्रा को “बहुत भव्य” और “हर लिहाज से सार्थक” बताया है। यह बयान दोनों पक्षों की ओर से यात्रा के महत्व को दर्शाता है और द्विपक्षीय संबंधों में एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।

पुतिन की यात्रा पर रूस का बड़ा बयान

क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव (Yuri Ushakov) ने वीजीटीआरके रूसी सरकारी टीवी को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति पुतिन (Putin) की भारत यात्रा की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश इस यात्रा को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से तैयारी कर रहे हैं। उशाकोव का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने इस यात्रा को सिर्फ औपचारिक मुलाकात न बताते हुए “बहुत भव्य” और “सार्थक” बताया, जो संकेत देता है कि इस दौरान कई बड़े समझौते और रणनीतिक घोषणाएं हो सकती हैं। यह यात्रा दोनों देशों को द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों—जैसे रक्षा, ऊर्जा और व्यापार—में प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य की रूपरेखा तैयार करने का अवसर देगी।

पीएम मोदी-पुतिन की वार्षिक बैठक

क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव (Yuri Ushakov) ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति पुतिन (President Putin) की यह यात्रा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और पुतिन के बीच हुए समझौते को अमल में लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर दे रही है। इस समझौते के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए हर साल मुलाकात करते हैं। इससे पहले, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) जब रूस (Russia) गए थे, तब रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने पुतिन की भारत यात्रा जल्द होने की पुष्टि की थी। इसके अलावा, रूसी राष्ट्रपति के करीबी निकोलाई पात्रुशेव (Nikolai Patrushev) ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की थी, जहाँ समुद्री क्षेत्र में सहयोग और कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई थी।

एजेंडा और उम्मीदें

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की भारत यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच कई स्तरों पर गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने पात्रुशेव (Patrushev) से मुलाकात के दौरान यह इच्छा व्यक्त की थी कि वह रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मेजबानी के लिए उत्सुक हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच कनेक्टिविटी, जहाज निर्माण, दक्षता विकास, समुद्री सुरक्षा और सामरिक रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विस्तृत बातचीत होने की उम्मीद है। भारत की ओर से रूस के साथ व्यापार संतुलन, सैन्य उपकरणों के वितरण में देरी और यूक्रेन (Ukraine) युद्ध के प्रभाव पर भी चर्चा की जा सकती है। यह द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन न केवल दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी भारत-रूस (India-Russia) की स्थिति को मजबूत करेगा।

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