विश्व हिंदू परिषद ने प्रियांक खरगे के ‘शैतान’ बयान पर साधा निशाना: ‘जो भगवान को शैतान कहे, उसकी बुद्धि समझी जा सकती है’
नागपुर: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को ‘शैतान’ कहने वाले विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। VHP के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने नागपुर में कहा कि जो व्यक्ति भगवान को ही शैतान कह देता है, उसकी बुद्धि और विचारधारा को आसानी से समझा जा सकता है।
परांडे ने आगे कहा,
“संघ जैसे देशभक्त संगठन को जो शैतान कहता है, कर्नाटक की जनता को सोचना चाहिए कि क्या उन्हें फिर से सत्ता में लाना है या नहीं। विश्व हिंदू परिषद आग्रह करती है कि हिंदू हित की बात करने वाले केंद्र और राज्य में बैठें। संघ सभी के हित की बात करता है। इस संगठन के बारे में बकवास करने वाले को जनता जगह दिखा देगी और दिखाएगी भी।”टीपू सुल्तान, बाबरी मस्जिद और ‘खतरनाक प्रवृत्ति’ पर चिंता
महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान को लेकर चल रहे विवाद पर भी VHP ने प्रतिक्रिया दी। मिलिंद परांडे ने कहा कि देश में कुछ स्थानों पर ऐसे ‘आइकॉन’ खड़े किए जा रहे हैं, जो भारत की परंपरा और आस्था से मेल नहीं खाते। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं बाबर जैसे विदेशी शासकों को आदर्श बताया जा रहा है, तो कहीं बाबरी मस्जिद जैसे प्रतीकों को फिर से खड़ा करने के प्रयास हो रहे हैं। VHP ने इसे ‘खतरनाक प्रवृत्ति’ करार देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं और इन पर सजग रहने की जरूरत है।
“संघ जैसे देशभक्त संगठन को जो शैतान कहता है, कर्नाटक की जनता को सोचना चाहिए कि क्या उन्हें फिर से सत्ता में लाना है या नहीं। विश्व हिंदू परिषद आग्रह करती है कि हिंदू हित की बात करने वाले केंद्र और राज्य में बैठें। संघ सभी के हित की बात करता है। इस संगठन के बारे में बकवास करने वाले को जनता जगह दिखा देगी और दिखाएगी भी।”टीपू सुल्तान, बाबरी मस्जिद और ‘खतरनाक प्रवृत्ति’ पर चिंता
महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान को लेकर चल रहे विवाद पर भी VHP ने प्रतिक्रिया दी। मिलिंद परांडे ने कहा कि देश में कुछ स्थानों पर ऐसे ‘आइकॉन’ खड़े किए जा रहे हैं, जो भारत की परंपरा और आस्था से मेल नहीं खाते। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं बाबर जैसे विदेशी शासकों को आदर्श बताया जा रहा है, तो कहीं बाबरी मस्जिद जैसे प्रतीकों को फिर से खड़ा करने के प्रयास हो रहे हैं। VHP ने इसे ‘खतरनाक प्रवृत्ति’ करार देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं और इन पर सजग रहने की जरूरत है।
संभाजी नगर मंदिर शुद्धिकरण पर बोले परांडे
महाराष्ट्र के मंत्री अब्दुल सत्तार के संभाजी नगर स्थित एक मंदिर में जाने के बाद कुछ युवाओं द्वारा गोमूत्र से ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले पर VHP ने अपना पक्ष रखा। मिलिंद परांडे ने कहा,
“यदि श्रद्धा रखने वाले लोग आस्था के भाव से कुछ करते हैं, तो उसे उसी भाव से समझना चाहिए। केवल कृति का नहीं, भाव का महत्व होता है। यदि भाव नहीं होगा तो वह राजनीतिक स्टंट बन जाएगा। धर्म का उपयोग राजनीतिक स्टंट के लिए नहीं होना चाहिए, क्योंकि वह आस्था का अपमान है।”बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर चिंता
VHP ने बांग्लादेश में हिंदू समाज की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। परांडे ने कहा,
“वहां किसी भी सरकार के आने के बावजूद हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए, यह हमारी अपेक्षा है। क्या होगा, हमें थोड़े दिनों में तुरंत ध्यान में आ जाएगा, फिर उसके बाद बात करेंगे। अभी तक तो हिंदू समाज की रक्षा करने में वहां के लोग अक्षम रहे हैं। अक्षम कहना भी बहुत सॉफ्ट शब्द हो गया, कई बार राजनीतिक दलों के माध्यम से वायलेंस स्पॉन्सर रहा है। कोई भी सरकार आए, हिंदुओं की रक्षा होनी चाहिए।”VHP के इन बयानों से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है। संगठन ने प्रियांक खरगे के बयान को हिंदू भावनाओं के खिलाफ बताते हुए कर्नाटक की जनता से सवाल किया है।
महाराष्ट्र के मंत्री अब्दुल सत्तार के संभाजी नगर स्थित एक मंदिर में जाने के बाद कुछ युवाओं द्वारा गोमूत्र से ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले पर VHP ने अपना पक्ष रखा। मिलिंद परांडे ने कहा,
“यदि श्रद्धा रखने वाले लोग आस्था के भाव से कुछ करते हैं, तो उसे उसी भाव से समझना चाहिए। केवल कृति का नहीं, भाव का महत्व होता है। यदि भाव नहीं होगा तो वह राजनीतिक स्टंट बन जाएगा। धर्म का उपयोग राजनीतिक स्टंट के लिए नहीं होना चाहिए, क्योंकि वह आस्था का अपमान है।”बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर चिंता
VHP ने बांग्लादेश में हिंदू समाज की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। परांडे ने कहा,
“वहां किसी भी सरकार के आने के बावजूद हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए, यह हमारी अपेक्षा है। क्या होगा, हमें थोड़े दिनों में तुरंत ध्यान में आ जाएगा, फिर उसके बाद बात करेंगे। अभी तक तो हिंदू समाज की रक्षा करने में वहां के लोग अक्षम रहे हैं। अक्षम कहना भी बहुत सॉफ्ट शब्द हो गया, कई बार राजनीतिक दलों के माध्यम से वायलेंस स्पॉन्सर रहा है। कोई भी सरकार आए, हिंदुओं की रक्षा होनी चाहिए।”VHP के इन बयानों से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है। संगठन ने प्रियांक खरगे के बयान को हिंदू भावनाओं के खिलाफ बताते हुए कर्नाटक की जनता से सवाल किया है।