विक्रम भट्ट और पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: 30 करोड़ फ्रॉड केस में अंतरिम जमानत, 19 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
नई दिल्ली, 13 फरवरी 2026 – बॉलीवुड फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। इस फैसले के बाद अब दोनों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। वे 7 दिसंबर 2025 से जेल में बंद थे।सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने विक्रम भट्ट दंपति की याचिका पर सुनवाई की और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि “आपराधिक मामले का इस्तेमाल किसी से पैसे वसूलने के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता।”जमानत की शर्तें और अगली सुनवाई
- सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि निर्धारित बेल बॉन्ड भरने के बाद विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को तुरंत अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए।
- यह राहत अंतरिम है और मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद ही अंतिम फैसला होगा।
- अगली सुनवाई की तारीख 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) तय की गई है। उस दिन अदालत राजस्थान सरकार की दलीलों और मामले के तथ्यों पर गहराई से विचार करेगी।
राजस्थान हाई कोर्ट ने पहले खारिज की थी याचिकाइससे पहले राजस्थान हाई कोर्ट ने 31 जनवरी 2026 को विक्रम भट्ट दंपति की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां अब उन्हें राहत मिल गई है।
क्या है पूरा मामला?
- राजस्थान पुलिस ने विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट, उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया और विक्रम के मैनेजर महबूब अंसारी को 7 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था।
- मामला करीब 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है।
- शिकायतकर्ता मुर्डिया के अनुसार, यह राशि एक फिल्म प्रोजेक्ट के लिए निवेश के रूप में दी गई थी।
- आरोप है कि भट्ट परिवार ने अलग-अलग नामों से फर्जी बिल तैयार किए और प्रोजेक्ट में खर्च करने के बजाय रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
- आरोपों में धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) शामिल हैं।
- मुंबई से हिरासत में लेकर दोनों को उदयपुर लाया गया था, जहां से न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला विक्रम भट्ट के लिए करियर और व्यक्तिगत जीवन दोनों में राहत लेकर आया है। मामले की अगली सुनवाई में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।