• February 1, 2026

अमेरिका-भारत टैरिफ विवाद: तीन सांसदों ने ट्रंप के 50% शुल्क हटाने का प्रस्ताव पेश किया

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 50 प्रतिशत तक के भारी टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में तीन डेमोक्रेट सांसदों ने बड़ा कदम उठाया है। कांग्रेसवुमन डेबोरा रॉस (उत्तर कैरोलिना), कांग्रेसमैन मार्क वीसी (टेक्सास) और भारतीय मूल के कांग्रेसमैन राजा कृष्णमूर्ति (इलिनॉय) ने 12 दिसंबर 2025 को एक संयुक्त प्रस्ताव पेश किया। इसका उद्देश्य ट्रंप की राष्ट्रीय आपातकाल घोषणा को समाप्त करना है, जिसके आधार पर भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाए गए थे।सांसदों ने इन टैरिफ को ‘अवैध’ और ‘नुकसानदेह’ बताया। उनका कहना है कि ये अमेरिकी श्रमिकों, उपभोक्ताओं, सप्लाई चेन और दोनों देशों के संबंधों को हानि पहुंचा रहे हैं। प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत सेकेंडरी शुल्क को रद्द करने की मांग करता है, जो 27 अगस्त 2025 से लागू हुआ। इससे पहले के 25 प्रतिशत शुल्क पर जुड़कर कई भारतीय उत्पादों पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया।ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 में पहले 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया, फिर अतिरिक्त 25 प्रतिशत जोड़ा। कारण भारत का रूस से डिस्काउंटेड क्रूड ऑयल आयात था, जिसे व्हाइट हाउस ने यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद माना। भारत ने इसे ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा बताकर खारिज किया है।
सांसदों की प्रतिक्रियाएं:

  • डेबोरा रॉस: उत्तर कैरोलिना की अर्थव्यवस्था भारत से व्यापार, निवेश और भारतीय अमेरिकी समुदाय से जुड़ी है। भारतीय कंपनियों ने राज्य में एक अरब डॉलर से अधिक निवेश कर हजारों नौकरियां सृजित की हैं। ये टैरिफ राज्य की नौकरियों और प्रतिस्पर्धा को खतरे में डाल रहे हैं।
  • मार्क वीसी: भारत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदार है। ये अवैध टैरिफ आम अमेरिकियों पर अतिरिक्त कर जैसे हैं, जो महंगाई से जूझ रहे हैं।
  • राजा कृष्णमूर्ति: ये टैरिफ प्रतिकूल हैं, सप्लाई चेन बाधित कर रहे हैं और कीमतें बढ़ा रहे हैं। इन्हें हटाने से दोनों देशों का सहयोग मजबूत होगा।

यह प्रस्ताव डेमोक्रेट्स की बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिसमें ट्रंप की एकतरफा नीतियों को चुनौती दी जा रही है। अक्टूबर में इन सांसदों ने रो खन्ना सहित 19 अन्य सदस्यों के साथ ट्रंप से टैरिफ हटाने की अपील की थी। यह सीनेट में ब्राजील पर समान टैरिफ हटाने के द्विदलीय प्रयास के बाद आया है।विशेषज्ञों के अनुसार, ये टैरिफ इंडो-पैसिफिक में भारत जैसे महत्वपूर्ण साझेदार से संबंधों को प्रभावित कर रहे हैं। प्रस्ताव कांग्रेस की व्यापार अधिकारों को बहाल करने की कोशिश को दर्शाता है

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