तिरंगा यात्रा से गूंजा केएमसी भाषा विश्वविद्यालय परिसर, राष्ट्रप्रेम और संवैधानिक मूल्यों का दिया संदेश
लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संकाय की ओर से बुधवार को तिरंगा यात्रा रैली का आयोजन किया गया। राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों को समर्पित इस यात्रा में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर विद्यार्थियों ने राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम का आयोजन माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशन और कुलपति प्रो. अजय तनेजा की अगुवाई में किया गया। इस अवसर पर विधि अध्ययन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मसूद आलम, विभागाध्यक्ष डॉ. पियूष त्रिवेदी, कुलानुशासक डॉ. नीरज शुक्ला, सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. आशीष शाही, डॉ. कृष्णा मुकुंद, यूसुफ अयाज़, डॉ. मिन्हाज हुसैन समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
एकेडमिक बिल्डिंग से थैंक्यू गेट तक निकली यात्रा
तिरंगा यात्रा विश्वविद्यालय की एकेडमिक बिल्डिंग से शुरू होकर थैंक्यू गेट तक पहुंची। राष्ट्रीय ध्वज हाथों में लेकर विद्यार्थियों ने अनुशासन और उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया। इस दौरान पूरे परिसर में राष्ट्रप्रेम, भाईचारे और एकजुटता का माहौल नजर आया। विद्यार्थियों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह और उल्लास देखने को मिला।
तिरंगा देश की संप्रभुता और लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल भारत का राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, लोकतांत्रिक चेतना, विविधता में एकता और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। युवाओं में संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करना भी उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कानून के विद्यार्थियों के लिए संविधान का सम्मान जरूरी
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रप्रेम केवल नारों और आयोजनों तक सीमित नहीं होना चाहिए। संविधान, लोकतंत्र, समानता, न्याय और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सम्मान भी सच्ची राष्ट्रभक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विधि के विद्यार्थियों के लिए यह संदेश और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि संविधान और कानून के प्रति सम्मान ही न्यायपूर्ण एवं लोकतांत्रिक समाज की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के संकल्प के साथ हुआ। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने तिरंगा यात्रा को जीवंत और प्रभावशाली बना दिया।