फर्जी गैंबलिंग एप से ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार
साइबर क्राइम थाना ने पलवल में तिरंगा के नाम से फर्जी गैंबलिंग ऐप पर कलर ट्रेडिंग कर रुपए कमाने का लालच देकर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए लोगों को ऐप में रुपये लगाने के लिए उकसाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच लाख रुपये, लैपटॉप, मोबाइल फोन, नोट गिनने की मशीन, नकली नोट, डेबिट व क्रेडिट कार्ड व जेवरात सहित अन्य सामान बरामद किया है।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि फर्जी तिरंगा एप्प में ट्रेडिंग के जरिए युवाओं के साथ ठगी करने वाली गैंग के तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम पुलिस को सूचना मिली कि तिरंगा ऐप के नाम से फर्जी गैंबलिंग ऐप चलाई जा रही है। ऐप पर कलर ट्रेडिंग कर रुपये कमाने का लालच देकर युवाओं को जाल में फंसाया जाता है।
यह तिरंगा ऐप विदेश में बैठे लोगों के द्वारा भारत के युवाओं को फंसाकर मोटी रकम का फर्जीवाडा करने की नियत से चलाई जा रही है। अब तक इस ऐप्प से नई पीढ़ी के बच्चों को लालच में डालकर उनसे करोड़ों रुपयों का फ्रॉड किया जा चुका है। साइबर क्राइम पुलिस को गुप्त सूत्रों से पता चला की कुछ युवक पलवल में इस ऐप्प के जरिये युवाओं को ठगी का शिकार बना रहे है।
पुलिस टीम ने रामनगर पार्क में छापेमारी कर दो आरोपियों को काबू कर लिया। जिनमें जवाहर नगर कैंप निवासी यश कुकरेजा व जिला चित्रकूट (यूपी) के ईंटखरी गांव निवासी कुलदीप के रूप में हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी ली तो यश कुकरेजा से पांच लाख नगद, दो मोबाइल फोन, हाथ की घड़ी, दो मेट्रो कार्ड, पांच एटीएम कार्ड व गेमजोन कार्ड और कुलदीप से 11 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, नोट गिनने की मशीन, आधा दर्जन एटीएम कार्ड, नकली नोट नुमा कागज, शूटिंग माइक, कूपन, घड़ी, सोने की चैन, अंगूठी, ब्रेसलेट व कान की बाली सहित अन्य सामान बरामद हुआ। आरोपियों से पूछताछ के बाद तीसरे आरोपी कुलदीप के गांव निवासी संदीप को गिरफ्तार किया है। जिसके कब्जे से नगदी व अन्य सामान बरामद हुआ है।
कैसे बनते युवा ठगी का शिकार
तिरंगा एप विदेश में बैठे साइबर ठगों के द्वारा चलाई जा रही है। पलवल में पकड़े गए तीनों आरोपी यश कुकरेजा, कुलदीप व संदीप अपने सोशल अकाउंट इंस्टाग्राम, फेसबुक, वॉट्सऐप व टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया ऐप के जरिए फर्जी गैंबलिंग ऐप तिरंगा का प्रमोशन करते हैं। जिससे लाखों की संख्या में उनके फॉलोअर्स उनकी चाल में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं। ये भ्रामक फोटो व वीडियो डालकर लोगों को ऐप्प में पंजीकरण कराते हैं और उसके बाद कलर ट्रेडिंग में रुपए लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते हैं।
जल्द पूरा पर्दाफ़ाश
आरोपी एप संचालक के इशारे पर गलत कलर पर रुपए लगाने के लिए युवाओं को उकसाते हैं और लोगों के साथ ठगी करते हैं। ठगी की कमाई विदेश में बैठे संचालकों के पास जाती है। आरोपियों को इसका कमीशन मिलता था, जिसे से आपस में बांट लेते थे।






