• January 1, 2026

नए साल की शुरुआत के साथ बदला मौसम का मिजाज: मुंबई में बारिश तो उत्तर भारत में शीतलहर का सितम

नई दिल्ली: देश भर में नए साल 2026 का स्वागत कुदरत के दो अलग-अलग रंगों के साथ हुआ है। एक तरफ जहां देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में साल के पहले दिन की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हुई, वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम का यह दोहरा मिजाज जारी रहने वाला है।

मुंबई में बिन मौसम बरसात ने चौंकाया

साल के पहले दिन जब लोग जश्न की तैयारी कर रहे थे, तभी मुंबई के आसमान में बादलों ने डेरा डाल लिया। तड़के हुई तेज बारिश ने न केवल तापमान में गिरावट ला दी, बल्कि मुंबईवासियों को भी हैरत में डाल दिया। आमतौर पर जनवरी की शुरुआत में मुंबई का मौसम सुहावना रहता है, लेकिन इस बार बादलों के बरसने से ठंडक बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्र में बने दबाव के क्षेत्रों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते तटीय इलाकों में यह बदलाव देखने को मिला है। मुंबई के विभिन्न इलाकों में सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे नए साल के पहले दिन की सैर पर निकले लोगों को थोड़ी असुविधा का सामना जरूर करना पड़ा, लेकिन प्रदूषण के स्तर में कुछ सुधार भी देखा गया।

दिल्ली में हाड़ कंपाने वाली ठंड और बारिश का पूर्वानुमान

देश की राजधानी दिल्ली में ठंड का प्रकोप अपने चरम पर है। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में नव वर्ष की पूर्व संध्या पिछले छह वर्षों में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान में आई भारी गिरावट ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आज दिल्ली में बारिश के आसार बन रहे हैं। यदि दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में बारिश होती है, तो हवा में नमी बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में ठिठुरन और भी बढ़ सकती है। दिल्ली के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।

उत्तर प्रदेश में कोहरे का कहर और स्कूलों की बंदी

उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य के कई प्रमुख शहरों जैसे प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर और बरेली में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता यानी विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पूरी तरह चरमरा गया है। बढ़ती ठंड और कोहरे के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई जिलों में स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक कोहरे की यह स्थिति बनी रहेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही में काफी सावधानी बरतने की जरूरत है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और राजस्थान में शीतलहर

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी का सिलसिला जारी है। हिमाचल प्रदेश में 2 से 4 जनवरी के बीच शीतलहर चलने का अनुमान जताया गया है। पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है, जहां बर्फीली हवाओं ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है। राजस्थान में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है; राज्य के कई जिलों में शीतलहर चल रही है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिमी राजस्थान में बारिश की संभावना भी जताई गई है, जो रबी की फसलों के लिए तो अच्छी हो सकती है लेकिन आम जनता के लिए मुसीबत बढ़ाएगी।

पूर्वोत्तर में बिगड़ते हालात: गुवाहाटी में स्कूल बंद

देश के पूर्वोत्तर हिस्से में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है। असम की राजधानी गुवाहाटी में दिन के तापमान में अप्रत्याशित और तेज गिरावट दर्ज की गई है। बादलों से ढके आसमान और रुक-रुक कर होने वाली बूंदाबांदी ने कनकनी बढ़ा दी है। बच्चों को इस कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए प्रशासन ने गुवाहाटी में एक सप्ताह के लिए स्कूलों को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। ठंडी हवाओं और लगातार हो रही बूंदाबांदी के कारण बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है।

मध्य भारत में थोड़ी राहत की उम्मीद

हालांकि, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत ठंड से कांप रहा है, लेकिन मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर भी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को हाड़ कंपाने वाली ठंड से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसी तरह, मध्य भारत के राज्यों में भी अगले दो दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं। यह बढ़ोतरी अस्थाई हो सकती है क्योंकि 3 से 5 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में शीतलहर का एक और दौर आने की प्रबल संभावना है।

आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही आने वाले 24 घंटों में तापमान में मामूली सुधार हो, लेकिन शीतलहर का खतरा अभी टला नहीं है। बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और असम के कई इलाकों में धुंध की चादर लिपटी रहेगी। विशेष रूप से पंजाब में रात का तापमान लगातार एक अंक (सिंगल डिजिट) में बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे कोहरे की स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं और सड़कों पर सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, साल 2026 का पहला हफ्ता पूरे देश के लिए मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

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