प्लांट मालिक नई सराय बस्ती वालों के फेफड़े में घोल रहे हैं जहर : मो. सलीम
कोयलांचल का सबसे अहम हिस्सा रामगढ़ जिला है। जिले में प्रदूषण एक ऐसा मुद्दा है, जिसका हल आज तक निकल नहीं पाया। इस विषय पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने कई बार दिशा-निर्देश तो जारी किया, लेकिन वे सारे निर्देश ढाक के तीन पात वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए पाए गए । आज तक ना तो रामगढ़ वासियों को प्रदूषण से मुक्ति मिली और ना ही किसी भी प्लांट प्रबंधक पर कोई कार्यवाही हुई। हर बार जब आंदोलन होता है तो उसके बाद जांच कमेटी बनाई जाती है और वह जांच कमेटी की रिपोर्ट दबी की दबी रह जाती है। प्लांट प्रबंधकों के द्वारा बरती जा रही घोर लापरवाही का खामियाजा आम नागरिक भुगत रहे हैं।

शनिवार को इन्हीं सब मुद्दों को लेकर एक बार फिर नई सराय बस्ती के ग्रामीणों ने आंदोलन किया। रउता वन क्षेत्र के 12 से अधिक प्लांट लगातार जहर उगल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के फेफड़े में जहर घुलता जा रहा है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मो सलीम ने कहा कि कई बार प्लांट प्रबंधकों से प्रदूषण को रोकने का आग्रह किया गया। जिला प्रशासन को दर्जनों बार आवेदन दिया गया। लेकिन कोई पहल नहीं हुई। मजबूरन ग्रामीणों को प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा है। अगर जल्द ही जिला प्रशासन की नींद नहीं खुलती है तो फिर ग्रामीण हर प्लांट के गेट पर पहुंचेंगे और वहां भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उसके बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलता है तो प्लांट का गेट जाम करने से भी ग्रामीण पीछे नहीं हटेंगे।




