तेलंगाना की सियासत में तूफान: अकबरुद्दीन ओवैसी ने रेवंत रेड्डी को योगी आदित्यनाथ से किया तुलना, कहा- दोनों मुसलमानों पर बुलडोजर चला रहे
हैदराबाद: तेलंगाना में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM के विधायक और फ्लोर लीडर अकबरुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की तुलना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं और इनमें कोई फर्क नहीं है।
अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक सभा में कहा, “योगी आदित्यनाथ यूपी में बुलडोजर से घर तोड़ते हैं, जबकि यहां रेवंत रेड्डी मस्जिदों और घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं। दोनों के निशाने पर मुसलमान हैं। न इन्हें हिजाब पसंद है, न दरगाह। जब मुसलमानों के मुद्दे आते हैं, तो BJP और कांग्रेस दोनों एक हो जाती हैं।”
उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के पिछले दो सालों में कम से कम 6 मस्जिदों पर सरकारी बुलडोजर चला है। ओवैसी ने बाबरी मस्जिद का जिक्र करते हुए कहा कि मुसलमानों ने कांग्रेस को बार-बार माफ किया, लेकिन अब काफी हो चुका। उन्होंने मुसलमानों से अपील की, “सारी पार्टियां मुसलमानों को ठगती हैं, किसी पर भरोसा न करें। अब मुसलमान चुप नहीं बैठेगा। सिर्फ AIMIM और ओवैसी ही मुसलमानों के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
इस बयान पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
BJP सांसद रघुनंदन राव ने कहा कि ओवैसी ब्रदर्स हमेशा कांग्रेस का साथ देते हैं, लेकिन जनता को गुमराह करने के लिए कांग्रेस को गाली देते हैं। उन्होंने अकबरुद्दीन पर आरोप लगाया कि वे बच्चों के दिमाग में नफरत के बीज बो रहे हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।कांग्रेस ने भी पलटवार किया। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ और ओवैसी दोनों कट्टरपंथी सोच के हैं और जुड़वां भाई जैसे हैं।
इस बीच, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी BJP को इजरायल के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ‘क्रिमिनल’ करार दिया और गाजा में हुई मौतों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। AIMIM का दावा है कि तेलंगाना में BJP और कांग्रेस मिले हुए हैं, दोनों में कोई फर्क नहीं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विवाद से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को दोनों तरफ से फायदा मिल सकता है, क्योंकि AIMIM उन्हें योगी जैसा बता रही है, जबकि BJP उन्हें मुसलमानों के तुष्टिकरण का आरोप लगा रही है। अब देखना यह है कि तेलंगाना की सियासत आगे किस दिशा में जाती है।