स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, सरदार पटेल की विरासत और भारत की इंजीनियरिंग का गौरव
गुजरात, 31 अक्टूबर 2025: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी न केवल सरदार वल्लभभाई पटेल की 562 रियासतों को एक करने की विरासत है, बल्कि भारत की तकनीकी प्रगति और एकता का प्रतीक भी है। 31 अक्टूबर 2018 को अनावरण हुई यह 182 मीटर ऊंची प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें किसानों से दान किया लोहा लगा है? आइए, तीन हिस्सों में इसकी खासियत, निर्माण और रोचक तथ्यों को समझते हैं।
सरदार पटेल की विरासत और प्रतिमा की खासियत
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी गुजरात के नर्मदा जिले में साधु बेट द्वीप पर स्थित है, जो नर्मदा नदी और सरदार सरोवर बांध को निहारती है। 182 मीटर ऊंचाई गुजरात विधानसभा की 182 सीटों का प्रतीक है। यह स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (93 मीटर) से दोगुनी और स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा (128 मीटर) से 40% ऊंची है। पद्म भूषण राम वी. सुतार ने इसे डिजाइन किया, जिसमें सरदार पटेल धोती-शॉल में दूर क्षितिज की ओर देखते दिखाए गए हैं। प्रतिमा तीन-परत वाली है: कोर में कंक्रीट, स्टील फ्रेम और बाहर कांस्य क्लैडिंग। यह 60 मी/सेकंड हवा और 6.5 रिक्टर भूकंप सह सकती है। अगले 100 सालों में कांस्य हरा हो जाएगा (ऑक्सीकरण)।
निर्माण लागत और तकनीकी उपलब्धि
निर्माण 31 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ और 2018 में पूरा। कुल लागत करीब 3,000 करोड़ रुपये। L&T ने मुख्य निर्माण, सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और चीन की जियांग्सी टोक्वाइन ने कांस्य क्लैडिंग की। 300 इंजीनियरों और 3,400 श्रमिकों ने काम किया। सामग्री: 70,000 टन सीमेंट, 25,000 टन स्टील, 1,700 टन कांस्य (12,000 पैनल) और 129 टन कबाड़ लोहा (‘एकता के लिए लोहा’ अभियान से 10 करोड़ किसानों का दान)। 20,000 वर्ग मीटर परिसर में संग्रहालय, व्यूइंग गैलरी (153 मीटर पर), लेजर शो और कृत्रिम झील है। 300 मीटर पुल मुख्य भूमि से जोड़ता है।
विजिट टाइमिंग, पहुंच और रोचक तथ्य
खुलने का समय: सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे (सोमवार बंद)। शाम 7 बजे लाइट एंड साउंड शो (सोमवार छोड़कर)। पहुंच: वडोदरा एयरपोर्ट (90 किमी), वडोदरा रेलवे स्टेशन (NH8 से सड़क मार्ग)। रोचक तथ्य: प्रतिमा में 2 हाई-स्पीड लिफ्ट (135 मीटर तक), 153 मीटर पर व्यूइंग गैलरी (200 लोग एक साथ), विंध्य-सतपुड़ा पर्वत दृश्य। भूटान राजा ने विजिटर्स बुक में लिखा: “भारत की एकता का प्रतीक।” जम्मू-कश्मीर CM उमर अब्दुल्ला ने फोटो खिंचाई, PM मोदी ने तारीफ की। यह पर्यटन हब बन चुका है, जहां सालाना लाखों विजिटर आते हैं।