• March 17, 2026
 RSS की चेतावनी: लव जिहाद को बताया हिंदू समाज के लिए घातक, संजय सिंह ने जताई चिंता…..

RSS की चेतावनी: लव जिहाद को बताया हिंदू समाज के लिए घातक, संजय सिंह ने जताई चिंता…..

लखनऊ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अवध प्रांत के पदाधिकारियों ने मंगलवार को लखनऊ के जियामऊ स्थित विश्व संवाद केंद्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान सह प्रांत कार्यवाह संजय सिंह ने लव जिहाद को हिंदू समाज के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि संघ इस विषय पर अत्यंत गंभीर है, प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह और संजय सिंह ने हरियाणा के समालखा में हाल ही में संपन्न हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के निर्णयों की जानकारी शेयर की. बैठक में मुख्य रूप से संघ के कार्य विस्तार, सामाजिक समरसता और समाज की सज्जन शक्ति की सहभागिता पर विस्तृत चर्चा की गई.

दत्तात्रेय होसबाले का संदेश:

सरदार स्वर्ण सिंह ने बताया कि सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर एक विशेष संदेश जारी किया है. संदेश में इस बात पर चिंता जताई गई कि वर्तमान में समाज को जाति और वर्ग के आधार पर विभाजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. संघ का मानना है कि संत रविदास के विचारों को अपनाकर ही समाज की एकता को सुदृढ़ किया जा सकता है. महापुरुषों के योगदान को किसी विशिष्ट जाति या पंथ तक सीमित न रखकर उन्हें राष्ट्र की साझा विरासत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए.

 

संघ की 100 वर्षों की यात्रा:

सह प्रांत कार्यवाह संजय सिंह ने जानकारी दी कि पिछले विजयादशमी से संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम उत्साहपूर्वक शुरू हो चुके हैं. इन कार्यक्रमों के माध्यम से संघ की पहुंच मंडल और बस्ती स्तर की छोटी-छोटी इकाइयों तक सुनिश्चित की गई है. घर-घर संपर्क, सद्भाव बैठकों और नागरिक गोष्ठियों के जरिए समाज में सकारात्मक सोच और कर्तव्यबोध को बढ़ावा दिया जा रहा है. लोग अब संघ की 100 वर्षों की यात्रा को गहराई से समझ रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में संगठन से बड़ी अपेक्षाएं रख रहे हैं.

 

 

अवध प्रांत में RSS का विस्तार:

अवध प्रांत में संगठन के विस्तार के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि कुल 2888 मंडल-बस्तियों में से 2860 में नियमित शाखाएं संचालित हो रही हैं. प्रांत के 18,993 गांवों में से 15,864 गांवों में सीधे तौर पर घर-घर संपर्क का कार्य पूरा किया जा चुका है. इसके अतिरिक्त 2728 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन और सैकड़ों सामाजिक सद्भाव बैठकों का सफल आयोजन किया गया. शताब्दी वर्ष के ये विशेष कार्यक्रम आगामी विजयादशमी तक निरंतर जारी रहेंगे ताकि समाज के हर वर्ग को जोड़ा जा सके.

अधिक शाखाएं खोलने पर जोर:

संघ का आगामी लक्ष्य युवाओं में राष्ट्रबोध और समाज परिवर्तन की भावना को और अधिक तीव्र करना है. संगठन की योजना अधिक से अधिक शाखाएं खोलने और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को ग्रामीण स्तर तक बढ़ाने की है. ‘पंच परिवर्तन’ के विचारों का समाज के हर स्तर पर स्वागत हो रहा है, जिससे सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक सुप्त शक्ति जागृत हो रही है. प्रेस वार्ता के अंत में ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव को मजबूत करने का आह्वान किया गया, जहां प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अशोक दुबे भी उपस्थित रहे.

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