• March 11, 2026

Ramaphosa Reacts to G-20 Exclusion: रंगभेदी होने के आरोप के बाद दक्षिण अफ्रीका को ट्रंप ने नहीं बुलाया! राष्ट्रपति बोले- “अत्यंत दुखद”

Ramaphosa Reacts to G-20 Exclusion:  अमेरिका (USA) के अगले G-20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) में आमंत्रित नहीं किए जाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के फैसले पर दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (President Cyril Ramaphosa) का पहला बयान सामने आया है। रामफोसा (Ramaphosa) ने जोहान्सबर्ग (Johannesburg) में मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप के इस कदम को “अत्यंत अफसोसजनक” बताया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर घोषणा की थी कि प्रिटोरिया (Pretoria) सरकार “सदस्यता के योग्य नहीं” है। ट्रंप (Trump) ने दक्षिण अफ्रीका (South Africa) पर रंगभेदी और नस्लभेदी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार अफ्रीकी लोगों और पुर्तगाली (Portuguese), फ्रांसीसी (French) तथा जर्मन (German) मूल के नागरिकों के खिलाफ हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों (Serious Human Rights Violations) को स्वीकार नहीं कर रही है। यह विवाद दोनों देशों के बीच तनाव को दर्शाता है। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, जानते हैं विस्तार से…

दक्षिण अफ्रीका से G-20 अध्यक्षता का हस्तांतरण और विवाद

अमेरिका (USA) ने हाल ही में 1 दिसंबर 2025 (December 1, 2025) से 30 नवंबर 2026 (November 30, 2026) तक के लिए G-20 की अध्यक्षता (G-20 Presidency) की कमान दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से संभाली है। परंपरा के अनुसार, निवर्तमान अध्यक्ष (Outgoing President) अगले अध्यक्ष को प्रतीकात्मक लकड़ी का हथौड़ा (Gavel) सौंपता है। दक्षिण अफ्रीका (South Africa) ने 1 दिसंबर 2024 (December 1, 2024) से अध्यक्षता संभाली थी और 22-23 नवंबर (November 22-23) को जोहान्सबर्ग (Johannesburg) में पहली बार अफ्रीकी महाद्वीप पर G-20 नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित किया था। हालांकि, अमेरिका (USA) ने दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में हुए इस शिखर सम्मेलन का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया था और वहां कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था। यह घटना दोनों देशों के बीच पहले से ही चल रहे तनाव की पृष्ठभूमि को दर्शाती है। बहिष्कार के बाद अमेरिका ने एक अधिकारी भेजकर हथौड़ा लेने की पेशकश की थी, जिसे दक्षिण अफ्रीका ने अपमान मानते हुए ठुकरा दिया था।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया बहिष्कार का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने अगले G-20 शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) को आमंत्रित नहीं करने के अपने फैसले का ऐलान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर किया। अमेरिका (USA) में 2026 (Year 2026) में फ्लोरिडा (Florida) में होने वाले G-20 शिखर सम्मेलन के लिए यह घोषणा एक बड़ा राजनयिक झटका (Diplomatic Setback) है। ट्रंप (Trump) ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि प्रिटोरिया (Pretoria) सरकार “सदस्यता के योग्य नहीं” है। अपने पोस्ट में ट्रंप ने सीधे तौर पर दक्षिण अफ्रीका (South Africa) पर नस्लभेदी और रंगभेदी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार “अफ्रीकी लोगों तथा पुर्तगाली, फ्रांसीसी और जर्मन मूल के नागरिकों के खिलाफ हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन” को न तो स्वीकार कर रही है और न ही उस पर ध्यान दे रही है। यह आरोप G-20 के मंच पर सदस्य देशों के बीच राजनीतिक और नैतिक विभाजन को स्पष्ट करता है।\

रामफोसा ने कनिष्ठ राजनयिक को हथौड़ा देने से किया इनकार

राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (President Cyril Ramaphosa) ने ट्रंप (Trump) के फैसले को “अत्यंत अफसोसजनक” बताते हुए कहा कि उनका प्रशासन अमेरिका (USA) के साथ राजनयिक संबंधों (Diplomatic Relations) को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास करता रहा है। दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के राष्ट्रपति कार्यालय ने स्पष्ट किया कि ट्रंप (Trump) लगातार “भ्रामक सूचना और विकृत तथ्यों” के आधार पर दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कर रहे हैं। अमेरिका (USA) द्वारा जोहान्सबर्ग (Johannesburg) G-20 शिखर सम्मेलन के बहिष्कार के बाद, जब अमेरिकी दूतावास (US Embassy) ने एक कनिष्ठ राजनयिक को प्रतीकात्मक लकड़ी का हथौड़ा लेने के लिए भेजा, तो राष्ट्रपति रामफोसा ने इसे “अपमान” मानते हुए हथौड़ा सौंपने से मना कर दिया था। उनका मानना था कि राष्ट्रपति के स्तर पर किसी कनिष्ठ राजनयिक को प्रतीक सौंपना उचित नहीं है। हालांकि, शुक्रवार (Friday) को प्रिटोरिया (Pretoria) स्थित अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग विभाग के मुख्यालय में G-20 अध्यक्षता से संबंधित सभी दस्तावेज और हथौड़ा विधिवत रूप से अमेरिकी दूतावास के एक अधिकारी को सौंप दिया गया।=

G-20 परंपराओं के उल्लंघन का आरोप

ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) के इस कदम को दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों (South African Experts) ने न केवल G-20 की स्थापित परंपराओं का उल्लंघन माना है, बल्कि इसे अफ्रीकी महाद्वीप (African Continent) के पहले सफल अध्यक्षता वर्ष को जानबूझकर कमतर आंकने की कोशिश के रूप में भी देखा है। G-20 एक वैश्विक मंच है, जहां सदस्यता और निमंत्रण पारंपरिक रूप से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखे जाते हैं। दक्षिण अफ्रीका (South Africa) को आमंत्रित नहीं करने का ट्रंप का फैसला G-20 की कार्यप्रणाली में एक गंभीर दरार पैदा करता है। राष्ट्रपति रामफोसा (Ramaphosa) और उनके प्रशासन ने राजनयिक माध्यमों से इस मामले को हल करने का प्रयास किया है, लेकिन ट्रंप (Trump) के सार्वजनिक ऐलान ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात पर करीब से नजर रख रहा है कि यह विवाद G-20 के भीतर अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधित्व और आगामी G-20 शिखर सम्मेलन (2026) की तैयारियों को कैसे प्रभावित करेगा।

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