राहुल गांधी ने किसान नेताओं से की मुलाकात: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को बताया किसान विरोधी, देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
नई दिल्ली, 13 फरवरी 2026 – भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बढ़ते विवाद के बीच कांग्रेस नेता और विपक्ष के प्रमुख चेहरे राहुल गांधी ने संसद में प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में ट्रेड डील के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह डील कृषि आयात के दरवाजे खोल देगी, जिससे भारतीय कृषि क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान नेताओं ने जताई चिंताबैठक में किसान नेताओं ने ट्रेड डील को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे जैसे उत्पादों के किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता व्यक्त की। राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद किसान नेताओं ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “यूएस से हुई ट्रेड डील से किसान तबाह हो जाएंगे। हम सड़क पर लड़ रहे हैं। हमने राहुल गांधी से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की मांग की है। अगर हम मिलकर लड़ेंगे तो सरकार को झुकना पड़ेगा।”किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर डील में किसानों के हित सुरक्षित होते तो उन्हें सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती। बैठक में शामिल प्रमुख किसान नेता थे: कांग्रेस से सुखपाल खैरा और अखिलेश शुक्ला, जीकेएस राजस्थान से रणजीत सिंह संधू, भारतीय किसान मजदूर यूनियन हरियाणा से अशोक बल्हारा, केएमएम केरल से पी.टी. जॉन, बीकेयू क्रांतिकारी से बलदेव सिंह जीरा और प्रोग्रेसिव फार्मर्स फ्रंट से आर.एस. मान।
विपक्ष को मिला बड़ा मुद्दायह ट्रेड डील विपक्ष के लिए एक बड़ा राजनीतिक हथियार साबित हो रही है। कांग्रेस इसे किसान विरोधी करार देकर संसद में सरकार को घेर रही है। अब सड़क पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। राहुल गांधी ने बैठक के बाद कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए विपक्ष हरसंभव कदम उठाएगा।
ट्रेड डील के तहत अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पादों के आयात की संभावना से भारतीय किसानों में असंतोष बढ़ रहा है। सरकार का दावा है कि डील में किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है, लेकिन किसान संगठन इसे खारिज कर रहे हैं। आंदोलन की आग आगे फैलने की आशंका जताई जा रही है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।