Putin India Visit Schedule: 28 घंटे के भारत दौरे पर क्या-क्या करेंगे पुतिन, मोदी संग होगी बड़ी रणनीतिक चर्चा
Putin India Visit Schedule: भारत (India) और रूस (Russia) के सदियों पुराने रिश्तों के लिहाज से आज का दिन वैश्विक कूटनीति में बेहद अहम माना जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली (New Delhi) पहुंच रहे हैं, जहां वह करीब 28 घंटे का समय बिताएंगे। यह यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रही है, जब एक ओर यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) को लेकर वैश्विक राजनीति में हलचल तेज है, तो दूसरी ओर अमेरिका (America) और भारत के संबंध भी रूसी तेल खरीद को लेकर भारी दबाव से गुजर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बंद कमरे में होने वाली गोपनीय बैठक पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास नजर रखी जा रही है। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और कूटनीति—हर मोर्चे पर बड़ी घोषणाओं की उम्मीद है। आखिर इस हाई-प्रोफाइल दौरे में क्या-क्या होगा खास और किन मुद्दों पर बनेगी बात, चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…
भू-राजनीतिक दबाव के बीच भारत-रूस की बढ़ती नजदीकी
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की यह भारत यात्रा एक ऐसे मोड़ पर हो रही है, जब वैश्विक राजनीति तेजी से करवट ले रही है। यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) के कारण अमेरिका (America) और पश्चिमी देश लगातार रूस पर प्रतिबंधों का दबाव बढ़ा रहे हैं, जिससे रूस की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा निर्यात प्रभावित हुआ है। इस बीच, भारत (India) पर भी रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर अमेरिकी दबाव बढ़ता रहा है। हाल ही में अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कुछ सामानों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया है, जिसमें रूसी तेल से जुड़ी लेवी भी शामिल है। इसी भू-राजनीतिक तनाव के केंद्र में भारत-रूस संबंधों की मजबूती एक बार फिर वैश्विक चर्चा का विषय बन गई है। जानकारों के अनुसार, पुतिन की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि बहुपक्षीय संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मोदी-पुतिन की गोपनीय मुलाकात और शिखर सम्मेलन का एजेंडा
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के लिए अपने आधिकारिक आवास पर एक प्राइवेट डिनर होस्ट करेंगे। माना जा रहा है कि जुलाई 2024 में मास्को (Moscow) के बाहर नोवो-ओगारयोवो (Novo-Ogaryovo) में हुई मुलाकात की तरह ही, यह बैठक भी बेहद गोपनीय और रणनीतिक होगी। शुक्रवार को दोनों नेता नई दिल्ली (New Delhi) स्थित भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और साझा रूप से संबोधित करेंगे। इस समिट का मुख्य फोकस रक्षा सहयोग, व्यापारिक साझेदारी को बाहरी दबाव से बचाना और छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टरों (Small Modular Reactors) में सहयोग पर रहने वाला है। इस हाई-लेवल बैठक से दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों को एक नई दिशा और ऊर्जा मिलने की पूरी उम्मीद है।
तेल, अमेरिकी दबाव और यूक्रेन पर कूटनीतिक संवाद
क्रेमलिन (Kremlin) की प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव (Dmitry Peskov) ने हाल ही में बयान दिया कि पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद कुछ समय के लिए प्रभावित हुई है, लेकिन रूस सप्लाई बढ़ाने के लिए कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति पुतिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका (America) की नई कोशिशों से अवगत कराएंगे। भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि युद्ध का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन में भारत की ऊर्जा सुरक्षा, भुगतान प्रणाली, डॉलर पर निर्भरता कम करने और भविष्य की रणनीतियों पर भी गंभीर चर्चा हो सकती है। अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच, यह रणनीतिक संवाद भारत-रूस रिश्तों की दिशा तय करने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
हाई-प्रोफाइल दौरे का पूरा कार्यक्रम और आगे की कार्रवाई
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) गुरुवार शाम 4:30 बजे नई दिल्ली (New Delhi) के दिल्ली हवाई अड्डे (Delhi Airport) पर लैंड करेंगे। गुरुवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) उनके लिए प्राइवेट डिनर देंगे। शुक्रवार को उनका कार्यक्रम बेहद व्यस्त है, जिसकी शुरुआत राजघाट (Rajghat) जाकर श्रद्धांजलि देने से होगी। इसके बाद वह इंडिया-रूस बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे, जहां दोनों नेता संबोधित करेंगे। शुक्रवार को ही पुतिन रूसी सरकारी ब्रॉडकास्टर के नए इंडिया चैनल का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) उनके सम्मान में सरकारी भोज देंगी। हैदराबाद हाउस (Hyderabad House) में वर्किंग लंच के बाद शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे पुतिन के भारत से रवाना होने की संभावना है। यह 28 घंटे का दौरा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए निर्णायक कदम साबित हो सकता है।