• January 2, 2026

अतिक्रमण हटाये जाने के विरोध में कर्णप्रयाग में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

 अतिक्रमण हटाये जाने के विरोध में कर्णप्रयाग में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग पर से अतिक्रमण हटाये जाने के नोटिस का अब चमोली जिले में विरोध होने लगा है। इसको लेकर स्वरोजगार से जुड़े युवाओं के साथ ही ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। शुक्रवार को कर्णप्रयाग के नौटी क्षेत्र के तमाम बाजार बंद रहे साथ ही ग्रामीणों और कर्णप्रयाग व्यापार संघ ने कर्णप्रयाग तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन भी किया।

राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही राज्य मार्ग के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाये जाने को लेकर वर्तमान समय में हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और एनएच प्रशासन सख्त हो गया है। उसने लोगों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किये है। अतिक्रमण को हटाये जाने को लेकर बीकेटीसी के पूर्व सदस्य अरुण मैठाणी, वन पंचायत सरपंच सनोज नौटियाल, भाजपा के मंडल महामंत्री सुभाष नौटियाल का कहना है कि अतिक्रमण हटाये जाने के नाम पर लोगों की नाप भूमि पर बने आवासीय और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को हटाये जाने की बात की जा रही है, जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में युवा जो बाहर रोजगार कर रहे थे, अपने घरों आ गये और अब यहीं रोजगार कर रहे हैं। ऐसे में उन युवाओं का व्यवसाय बर्बाद किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार पलायन रोकने की बात कर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर जो युवा सड़क के किनारे ठेली लगाकर रोजगार कर रहे हैं, उनका रोजगार छिना जा रहा है ऐसे में क्यों कोई युवा यहां रहेगा और कैसे पलायन रुकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि हाई कोर्ट में सही वस्तु स्थिति को रखते हुए युवाओं के रोजगार को छिनने से बचाने के लिए ठोस पहल करे। अतिक्रमण हटाये जाने के विरोध में नौटी क्षेत्र के तमाम बाजार बंद रहे। प्रदर्शन करने वालों में अरुण मैठाणी, सनोज नौटियाल, सुधा नोटियाल, गोदांबरी देवी, राजेंद्र चौहान, विनोद चौहान, रैवत सिंह, ताजवर सिंह, आशीष नेगी आदि मौजूद थे।

उधर, चमोली जिला मुख्यालय के गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग पर सगर में कोरोना के बाद गांव लौटे युवा सुनील सिंह कुंवर का कहना है कि उन्होंने यहां पर स्वरोजगार के लिए एक अस्थाई ढाबा बनाया है। यहां पर रुद्रनाथ, तुंगनाथ और चोपता जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को नाश्ते और भोजन की सुविधा मिलती है। उन्होंने कोरोना काल में छिने उनके रोजगार की भरपाई करने के लिए यह कामकाज शुरू किया था लेकिन अब एनएच की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर ढाबा हटाये जाने की बात कही गई है। उनका कहना है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने की बजाय उनका रोजगार छीन रही है। उनका कहना है कि हम इसी गांव के रहने वाले है। हमने बाहर से आकर भी यहां पर अतिक्रमण नहीं किया है। छोटा सा ढाबा चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे, उसे भी छीन लिया गया है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *