• January 2, 2026

Pooja Pal BJP Entry Confirmed? बीजेपी में शामिल होंगी विधायक पूजा पाल? सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव मौर्य को बताया ‘अभिभावक’।

Pooja Pal BJP Entry Confirmed? : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी संकेत सामने आया है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से निष्कासित की जा चुकीं चायल (Chail) से विधायक पूजा पाल (Pooja Pal) की भारतीय जनता पार्टी (BJP) से लगातार बढ़ती नजदीकियां अब खुलकर सामने आने लगी हैं। हाल ही में प्रयागराज (Prayagraj) में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) से हुई उनकी मुलाकात, चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को ‘अभिभावक’ बताने वाले बयान ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सवाल अब साफ है: क्या पूजा पाल (Pooja Pal) बीजेपी (BJP) में औपचारिक एंट्री लेने वाली हैं? 2027 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले यह घटनाक्रम बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह न सिर्फ प्रयागराज (Prayagraj) बल्कि कौशांबी (Kaushambi) की राजनीति पर भी सीधा असर डालेगा। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, विस्तार से…

डिप्टी सीएम से मुलाकात और ‘अभिभावक’ बताने के राजनीतिक मायने

कौशांबी (Kaushambi) जिले की चायल विधानसभा सीट (Chail Assembly Seat) से विधायक पूजा पाल (Pooja Pal) ने हाल ही में प्रयागराज (Prayagraj) के सर्किट हाउस में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम (Deputy CM) के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया, जिसे राजनीतिक हलकों में एक मजबूत संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में पूजा पाल (Pooja Pal) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) को अपने जीवन का “अभिभावक” (Guardian) बताया। उन्होंने कहा कि उनके पति और पूर्व बसपा विधायक राजू पाल (Raju Pal) की 2005 में हुई हत्या के मामले में उन्हें 18 साल बाद न्याय मिला, जो योगी सरकार (Yogi Government) की वजह से ही संभव हो सका। उन्होंने कहा, “जब इंसाफ मिलता है, तो दिल से सम्मान अपने आप निकलता है।” यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि उनके और योगी सरकार के बीच अब भावनात्मक और राजनीतिक स्तर पर गहरा जुड़ाव बन चुका है।

सपा से निष्कासन और बीजेपी कार्यक्रमों में सक्रियता

पूजा पाल (Pooja Pal) की बीजेपी (BJP) से बढ़ती निकटता की शुरुआत राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) के दौरान हुई थी, जब उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) की थी। उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि न्याय मिलने की भावना के चलते ही उन्होंने ऐसा किया। इसे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने “विश्वासघात” माना, जिसके चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित (Expelled) कर दिया गया था।

सपा से बाहर होने के बाद पूजा पाल लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से नजर आ रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया है कि वह बीजेपी (BJP) के कई आयोजनों में शिरकत कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के दौरान वह भाजपा (BJP) के लिए प्रचार (Campaign) करती भी दिखाई दी थीं। इन गतिविधियों ने उनके राजनीतिक रुख को लगभग स्पष्ट कर दिया है कि वह अब आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल होने की कगार पर हैं।

बीजेपी एंट्री पर चुप्पी और 2027 के विधानसभा चुनाव की चर्चा

जब विधायक पूजा पाल (Pooja Pal) से सीधे पूछा गया कि क्या वह आधिकारिक रूप से बीजेपी (BJP) में शामिल होंगी, तो उन्होंने फिलहाल इस सवाल को टाल दिया। उन्होंने कहा कि “उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।”

हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि 2027 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले उनकी एंट्री बीजेपी (BJP) में लगभग तय है। सीट को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं:

  • पिछली सीट: वह 2022 में सपा (SP) के टिकट पर कौशांबी (Kaushambi) की चायल सीट (Chail Seat) से विधायक बनी थीं।

  • संभावित वापसी: राजनीतिक हलकों में अटकलें हैं कि वह अपनी पुरानी और चर्चित सीट प्रयागराज शहर पश्चिमी (Prayagraj City West) से वापसी कर सकती हैं, जो उनके पति राजू पाल (Raju Pal) का क्षेत्र रहा है।

राजू पाल हत्याकांड (Raju Pal Murder Case), अतीक-अहमद (Atiq-Ahmed) नेटवर्क का अंत और बीजेपी (BJP) से बढ़ती निकटता—इन सभी घटनाओं ने पूजा पाल को एक बार फिर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।

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