मलयेशिया में पीएम मोदी का भव्य संबोधन: प्रवासी भारतीयों को बताया दोनों देशों के बीच अटूट सेतु, स्नेह के लिए जताया आभार
कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मलयेशिया यात्रा के दौरान शनिवार को कुआलालंपुर में विशाल भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया। एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी वहां मिले अभूतपूर्व स्वागत और स्नेह से बेहद अभिभूत नजर आए। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें भारत और मलयेशिया के सांस्कृतिक व आर्थिक संबंधों के बीच का एक ‘मजबूत सेतु’ करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सात समंदर पार रहने के बावजूद प्रवासी भारतीयों के दिलों में भारत धड़कता है और वे मलयेशिया की प्रगति में योगदान देते हुए भारत की गौरवशाली परंपराओं को भी जीवित रखे हुए हैं।
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने मलयेशियाई जनता और भारतीय समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सांस्कृतिक विविधताओं का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में हमने मकर संक्रांति, पोंगल और बीहू जैसे कई त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाए हैं और अब आने वाले दिनों में पवित्र रमजान मास की शुरुआत होने वाली है। उन्होंने इन त्योहारों की शुभकामना देते हुए कहा कि भारत की यह विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जो दुनिया के हर कोने में दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने मलयेशिया में भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की धरती पर भारत जैसा अपनापन महसूस होता है।
प्रधानमंत्री ने अपने इस दौरे की रणनीतिक और व्यक्तिगत अहमियत को भी रेखांकित किया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2026 में उन्होंने अपने पहले विदेश दौरे के रूप में मलयेशिया आने का निर्णय लिया। यह निर्णय दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय महत्व और आपसी भरोसे को दर्शाता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मलयेशिया के संबंध केवल व्यापारिक नहीं हैं, बल्कि यह साझा इतिहास और विश्वास की नींव पर टिके हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और भारत की नई विकास गाथा के दूत बनकर दुनिया को ‘न्यू इंडिया’ की सामर्थ्य से परिचित कराएं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इस सफलता में विदेशों में बसे भारतीयों का भी बड़ा योगदान है। उन्होंने मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं का भी जिक्र किया और उम्मीद जताई कि यह यात्रा आने वाले समय में निवेश, तकनीक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खोलेगी। कार्यक्रम के दौरान मोदी-मोदी के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और भारत का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है।